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पुर्नमूल्यांकन के बाद बढ़े अंक वालों को मिलेगा दाखिला
Updated Sat, 14 Jul 2018 11:00 PM IST
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पुनर्मूल्यांकन के बाद बढ़े अंक वालों को मिलेगा दाखिला
डीयू ने कॉलेजों को सीटें फुल होने पर भी दाखिला देने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय ने ऐसे छात्रों को बड़ी राहत दी है, जिनके सीबीएसई के पुनर्मूल्यांकन के बाद अंक बढ़ गए हैं। अब कॉलेजों में इन छात्रों को भी दाखिला मिल सकेगा। डीयू ने कॉलेजों को सलाह दी है कि वह ऐसे आवेदकों को दाखिला दें, जिनके अंकों में पुनर्मूल्यांकन के बाद वृद्धि हुई है। भले ही कॉलेज के पास सीट उपलब्ध नहीं है, इसके बावजूद दाखिला देना होगा।
यदि छात्र अंकों मेें बढ़ोतरी होने के कारण कटऑफ में जगह बना रहे हैं, तो वह कॉलेज में दाखिला पाने के हकदार हैं। दरअसल सीबीएसई के 12वीं के रिजल्ट में कुछ विषयों में कम अंक आने के कारण छात्रों ने उन विषयों का पुनर्मूल्यांकन कराया था। बोर्ड ने पुनर्मूल्यांकन का रिजल्ट बीते सप्ताह ही जारी किया। पुनर्मूल्यांकन कराने के बाद कुछ विषयों में छात्रों के 10 से 15 तक अंक बढ़ गए, जिससे उनके अंक 90 से 94 या 94 से 97 फीसदी तक हो गए। इस तरह से वह एसआरसीसी, एलएसआर औ हिंदू जैसे कॉलेजों में भी दाखिले के योग्य हो गए थे।
अंक बढ़ने के बावजूद कॉलेज इन छात्रों को सीटें फुल होने का हवाला देते हुए दाखिला नहीं दे रहे थे। कॉलेजों का तर्क था कि शुरुआती दो कटऑफ में ही उनके यहां सीटें फुल हो चुकी हैं। दाखिले के लिए ऐसे छात्र लगातार डीन स्टूडेंट वेलफेयर के चक्कर लगा रहे थे। ऐसे में यह मामला कोर्ट पहुंचा, जिसके बाद डीयू ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कॉलेजों को सीट फुल होने पर भी ऐसे छात्रों को दाखिला देने को कहा है।
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डीयू ने कॉलेजों को सीटें फुल होने पर भी दाखिला देने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय ने ऐसे छात्रों को बड़ी राहत दी है, जिनके सीबीएसई के पुनर्मूल्यांकन के बाद अंक बढ़ गए हैं। अब कॉलेजों में इन छात्रों को भी दाखिला मिल सकेगा। डीयू ने कॉलेजों को सलाह दी है कि वह ऐसे आवेदकों को दाखिला दें, जिनके अंकों में पुनर्मूल्यांकन के बाद वृद्धि हुई है। भले ही कॉलेज के पास सीट उपलब्ध नहीं है, इसके बावजूद दाखिला देना होगा।
यदि छात्र अंकों मेें बढ़ोतरी होने के कारण कटऑफ में जगह बना रहे हैं, तो वह कॉलेज में दाखिला पाने के हकदार हैं। दरअसल सीबीएसई के 12वीं के रिजल्ट में कुछ विषयों में कम अंक आने के कारण छात्रों ने उन विषयों का पुनर्मूल्यांकन कराया था। बोर्ड ने पुनर्मूल्यांकन का रिजल्ट बीते सप्ताह ही जारी किया। पुनर्मूल्यांकन कराने के बाद कुछ विषयों में छात्रों के 10 से 15 तक अंक बढ़ गए, जिससे उनके अंक 90 से 94 या 94 से 97 फीसदी तक हो गए। इस तरह से वह एसआरसीसी, एलएसआर औ हिंदू जैसे कॉलेजों में भी दाखिले के योग्य हो गए थे।
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अंक बढ़ने के बावजूद कॉलेज इन छात्रों को सीटें फुल होने का हवाला देते हुए दाखिला नहीं दे रहे थे। कॉलेजों का तर्क था कि शुरुआती दो कटऑफ में ही उनके यहां सीटें फुल हो चुकी हैं। दाखिले के लिए ऐसे छात्र लगातार डीन स्टूडेंट वेलफेयर के चक्कर लगा रहे थे। ऐसे में यह मामला कोर्ट पहुंचा, जिसके बाद डीयू ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कॉलेजों को सीट फुल होने पर भी ऐसे छात्रों को दाखिला देने को कहा है।
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