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फिर ट्रैक पर उतरा आजाद भारत का पहला स्टीम इंजन
Updated Thu, 12 Apr 2018 10:59 PM IST
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फिर ट्रैक पर उतारा आजाद भारत का पहला स्टीम इंजन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । आजाद भारत के पहले स्टीम इंजन को एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर उतरा गया है। आजाद 7200 डब्ल्यूपी को बृहस्पतिवार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से रेलवे बोर्ड अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेल मंत्रालय की योजना है कि पर्यटकों को लुभाने के लिए भाप इंजनों को फिर से शुरू किया जाए। ऐतिहासिक धरोहर को जीवित कर लोगों को इससे रूबरू कराया जाए।
दरअसल, भारतीय रेल अपना 63 वां रेल सप्ताह मना रहा है। इस कार्यक्रम के तहत छुक-छुक ट्रेन चलाई जा रही है। रेल बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने बताया कि 7200 डब्ल्यूपी आजाद इंजन अमेरिका से मंगाया गया था। इसके लिए 15 अगस्त 1947 को अमेरिकी कंपनी से समझौता हुआ था। इसलिए इसका नाम भी आजाद रखा गया। खास बात ये है कि इसमें दिव्यांगों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए खास तरीके से कोच तैयार किया गया है। ये भाप इंजन आग और पानी से चलता है, जो लोगों को काफी रोमांचित व आकर्षित करता है। इस ट्रेन को नई दिल्ली से पुरानी दिल्ली के बीच चलाया गया। इससे पूर्व यह ट्रेन 2011 में चली थी। रंग दे बसंती, गुरू, राइफल मैन जसवंत सिंह रावत फिल्म में आजाद ट्रेन की झलक देखने को मिली थी। नई दिल्ली स्टेशन पर इस मौके पर एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । आजाद भारत के पहले स्टीम इंजन को एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर उतरा गया है। आजाद 7200 डब्ल्यूपी को बृहस्पतिवार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से रेलवे बोर्ड अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेल मंत्रालय की योजना है कि पर्यटकों को लुभाने के लिए भाप इंजनों को फिर से शुरू किया जाए। ऐतिहासिक धरोहर को जीवित कर लोगों को इससे रूबरू कराया जाए।
दरअसल, भारतीय रेल अपना 63 वां रेल सप्ताह मना रहा है। इस कार्यक्रम के तहत छुक-छुक ट्रेन चलाई जा रही है। रेल बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने बताया कि 7200 डब्ल्यूपी आजाद इंजन अमेरिका से मंगाया गया था। इसके लिए 15 अगस्त 1947 को अमेरिकी कंपनी से समझौता हुआ था। इसलिए इसका नाम भी आजाद रखा गया। खास बात ये है कि इसमें दिव्यांगों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए खास तरीके से कोच तैयार किया गया है। ये भाप इंजन आग और पानी से चलता है, जो लोगों को काफी रोमांचित व आकर्षित करता है। इस ट्रेन को नई दिल्ली से पुरानी दिल्ली के बीच चलाया गया। इससे पूर्व यह ट्रेन 2011 में चली थी। रंग दे बसंती, गुरू, राइफल मैन जसवंत सिंह रावत फिल्म में आजाद ट्रेन की झलक देखने को मिली थी। नई दिल्ली स्टेशन पर इस मौके पर एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।
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