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UP: 152 परिषदीय स्कूलों पर जल्द लटकेगा ताला!... सबसे अधिक दनकौर और जेवर के स्कूल होंगे बंद

Mon, 04 Nov 2024 01:44 PM IST
शाहरुख खान अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 04 Nov 2024 01:44 PM IST
सार

गौतमबुद्धनगर जिले में कम छात्र संख्या वाले 152 परिषदीय स्कूलों पर ताला लटक सकता है। सबसे अधिक दनकौर और जेवर के स्कूल बंद हो सकते हैं। 50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूल पास के स्कूल में मर्ज होंगे।

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152 council schools may be closed with low student numbers in Gautam Buddha Nagar
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

गौतमबुद्धनगर जिले के चारों ब्लॉक के करीब 152 परिषदीय स्कूलों में जल्द ताला लटक सकता है। इन स्कूलों में छात्र संख्या 50 या उससे कम है। छात्र संख्या कम होने के कारण इन स्कूलों के छात्रों और शिक्षकों को पास के स्कूलों में मर्ज करने की प्रकिया शुरू हो गई है। हालांकि प्राथमिक विद्यालय बंद होने की बात का सरकार ने खंडन कर दिया है। बेसिक शिक्षा की महानिदेशक कंचन वर्मा ने कहा कि मीडिया में ऐसी खबरें चल रही हैं जिनमें प्रदेश के 27000 हजार विद्यालयों को बंद करने की बात कही जा रही है। यह बातें निराधार और भ्रामक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई प्रक्रिया गतिमान नहीं है। 
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इससे पहले, यह जानकारी सामने आई थी कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों की सूची राज्य परियोजना कार्यालय में भेज दी गई है। हाल ही में प्राथमिक स्कूल बादलपुर का महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने निरीक्षण किया था। छात्रों की कम संख्या देख कर उन्होंने चिंता जताई थी। 
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उन्होंने कम छात्र संख्या का कारण जाना था। बीएसए राहुल पंवार ने उन्हें बताया था कि पास में ही एक स्कूल और भी है। उन्होंने छात्रों को पास के स्कूलों में मर्ज कराने के लिए निर्देश दिए थे। 13 और 14 नवंबर को लखनऊ में इस संबंध में बैठक होने वाली है। 
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सबसे अधिक दनकौर और जेवर के स्कूल होंगे मर्ज
जनपद के चारों ब्लाक में संचालित 511 परिषदीय स्कूलों में से करीब 152 स्कूलों में 50 छात्र भी नामांकित नहीं है। 125 प्राथमिक, 10 कंपोजिट और 17 उच्च प्राथमिक स्कूलों में छात्र संख्या बेहद कम है। जबकि इन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या छात्रों के अनुपात के हिसाब से सही है। सबसे अधिक दनकौर, जेवर ब्लॉक के स्कूल मर्ज होंगे। दादरी ब्लॉक के स्कूलों का भी यही हाल है। शहरी क्षेत्र होने के बाद भी बिसरख ब्लॉक के स्कूलों में भी छात्रों की कम संख्या चिंता का विषय है। 
 

विभाग की ओर से नहीं बनाई गई रणनीति

परिषदीय स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से कोई रणनीति नहीं तैयार की गई। रणनीति तैयार नहीं होने के कारण पिछले कई सालों में से इस सत्र में सबसे कम छात्र संख्या है। स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया,लेकिन धरातल में इसका असर कुछ नहीं दिलाई दिया। अभियान को लेकर बंद कमरों में बैठक तो हुईं,लेकिन उनका परिणाम कुछ नहीं दिखाई दिया। 

50 से कम नामांकन वाले स्कूल
ब्लॉक।  स्कूल
दनकौर  58
जेवर।    40
दादरी।   39
बिसरख।  15

यह है मानक
परिषदीय स्कूलों में निर्धारित मानक के अनुसार 30 छात्रों पर एक शिक्षक,45 छात्रों पर दो शिक्षक,60 छात्रों पर तीन शिक्षक,75 छात्रों पर चार शिक्षक और 90 छात्रों पर पांच शिक्षकों की नियुक्ति होनी चाहिए। वहीं उच्च प्राथमिक स्कूल में 35 छात्रों पर एक शिक्षक का नियम है। 
 

50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों की सूची तैयार कर ली गई है। राज्य परियोजना कार्यालय को इसकी सूचना दे दी गई है। स्कूल बंद होंगे या मर्ज होंगे इसकी अभी जानकारी नहीं है। - राहुल पंवार, बेसिक शिक्षा अधिकारी
 

परिषदीय स्कूलों में नामांकन की स्थिति 
साल          नामांकन
2018            95634
2019            96610
2020            99668
2021          107261
2022          104101
2023            82345
2024            78945 (30 सितंबर तक अभी तक हुए नामांकन
 
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