{"_id":"5c9d080bbdec22141d19e97d","slug":"141553795083-noida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाइक बोट : बैठक रद होने की खबर से निवेशक फिर हुए परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाइक बोट : बैठक रद होने की खबर से निवेशक फिर हुए परेशान
विज्ञापन
सभी केंद्र
-----
हेडिंग: बाइक बोट : बैठक रद होने की खबर से निवेशक परेशान
सोशल मीडिया से दी गई थी 31 मार्च निवेशकों को बैठक की जानकारी
अब, आचार संहिता का हवाला देकर दी गई बैठ रद होने की खबर
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। बाइक बोट कंपनी के खिलाफ पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है। जयपुर निवासी सुनील मीणा के एफआईआर दर्ज कराने के बाद भी कई शिकायत सामने आईं हैं। कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर निवेशकों को 31 मार्च को कोट, ग्रेटर नोएडा स्थित कंपनी के दफ्तर पर बैठक बुलाने की जानकारी दी गई थी। अब, सोशल मीडिया पर ही आचार संहिता का हवाला देकर बैठक रद होने की जानकारी मिलने पर निवेशक परेशान हो गए हैं।
कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी आदि धारा में केस दर्ज होने के बावजूद बड़ी संख्या में निवेशक अपनी जमा रकम वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं। अब बैठक रद्द होने से निवेशकों को निराशा हुई है और वह सोशल मीडिया पर कंपनी की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। कुछ निवेशकों का कहना है कि आचार संहिता से किसी कंपनी की बैठक का कोई लेना देना नहीं है। इसके बावजूद बैठक रद्द करना कंपनी की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
विज्ञापन
-----
हेडिंग: बाइक बोट : बैठक रद होने की खबर से निवेशक परेशान
सोशल मीडिया से दी गई थी 31 मार्च निवेशकों को बैठक की जानकारी
अब, आचार संहिता का हवाला देकर दी गई बैठ रद होने की खबर
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। बाइक बोट कंपनी के खिलाफ पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है। जयपुर निवासी सुनील मीणा के एफआईआर दर्ज कराने के बाद भी कई शिकायत सामने आईं हैं। कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर निवेशकों को 31 मार्च को कोट, ग्रेटर नोएडा स्थित कंपनी के दफ्तर पर बैठक बुलाने की जानकारी दी गई थी। अब, सोशल मीडिया पर ही आचार संहिता का हवाला देकर बैठक रद होने की जानकारी मिलने पर निवेशक परेशान हो गए हैं।
कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी आदि धारा में केस दर्ज होने के बावजूद बड़ी संख्या में निवेशक अपनी जमा रकम वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं। अब बैठक रद्द होने से निवेशकों को निराशा हुई है और वह सोशल मीडिया पर कंपनी की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। कुछ निवेशकों का कहना है कि आचार संहिता से किसी कंपनी की बैठक का कोई लेना देना नहीं है। इसके बावजूद बैठक रद्द करना कंपनी की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
विज्ञापन