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1.सरकार द्वारा मनाई जानी वाली अंबेडकर जयंती का दलित समाज करेगा बहिष्कार
Updated Thu, 12 Apr 2018 04:55 PM IST
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आंबेडकर जयंती के सरकारी कार्यक्रमों का दलित समाज करेगा बहिष्कार
तावडू। केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार दलित विरोधी है। हाल ही में केंद्र सरकार के इशारे पर एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन ने सरकार के दोहरे चरित्र को सामने ला दिया है, इसलिए प्रदेश सरकार द्वारा आगामी 14 अप्रैल को जिला स्तर पर मनाई जाने वाली आंबेडकर जयंती में दलित समाज भाग नहीं लेगा। नगर के पटौदी रोड स्थित आंबेडकर भवन में बृहस्पतिवार को दलित समाज की बैठक में यह विचार पूर्व सरपंच दलीप सिंह ने व्यक्त किए।
सरकार द्वारा प्रत्येक जिला स्तर पर 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती मनाने का फैसला लिया गया है। सरकार द्वारा मनाए जा रहे जयंती कार्यक्रमों में दलित समाज ने शामिल न होने का निर्णय लिया है। इसको लेकर नगर के आंबेडकर भवन में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में गणमान्य लोगों ने भाग लिया। रामबीर, रामेश्वर, महेश, रामचंद, ताराचंद नंबरदार, गोवर्धन, ओमप्रकाश व दलीप आदि गणमान्य लोगों ने एक स्वर में कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार का दलितों के प्रति प्रेम सिर्फ दिखावा है। उसके कार्यकाल में दलित उत्पीड़न लगातार जारी है। भारत बंद के दौरान दलित समाज के लोगों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए। दलित समाज की मांग है कि भारत बंद के दौरान दर्ज किए गए सभी मुकदमों को खारिज किया जाए और एससी/एसटी एक्ट को पूर्व की तरह रखा जाए। उनकी ये मांगे जब तक नहीं मानी जाएंगी, तब तक दलित समाज सरकार द्वारा प्रायोजित किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा।
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तावडू। केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार दलित विरोधी है। हाल ही में केंद्र सरकार के इशारे पर एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन ने सरकार के दोहरे चरित्र को सामने ला दिया है, इसलिए प्रदेश सरकार द्वारा आगामी 14 अप्रैल को जिला स्तर पर मनाई जाने वाली आंबेडकर जयंती में दलित समाज भाग नहीं लेगा। नगर के पटौदी रोड स्थित आंबेडकर भवन में बृहस्पतिवार को दलित समाज की बैठक में यह विचार पूर्व सरपंच दलीप सिंह ने व्यक्त किए।
सरकार द्वारा प्रत्येक जिला स्तर पर 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती मनाने का फैसला लिया गया है। सरकार द्वारा मनाए जा रहे जयंती कार्यक्रमों में दलित समाज ने शामिल न होने का निर्णय लिया है। इसको लेकर नगर के आंबेडकर भवन में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में गणमान्य लोगों ने भाग लिया। रामबीर, रामेश्वर, महेश, रामचंद, ताराचंद नंबरदार, गोवर्धन, ओमप्रकाश व दलीप आदि गणमान्य लोगों ने एक स्वर में कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार का दलितों के प्रति प्रेम सिर्फ दिखावा है। उसके कार्यकाल में दलित उत्पीड़न लगातार जारी है। भारत बंद के दौरान दलित समाज के लोगों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए। दलित समाज की मांग है कि भारत बंद के दौरान दर्ज किए गए सभी मुकदमों को खारिज किया जाए और एससी/एसटी एक्ट को पूर्व की तरह रखा जाए। उनकी ये मांगे जब तक नहीं मानी जाएंगी, तब तक दलित समाज सरकार द्वारा प्रायोजित किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा।
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