{"_id":"5c096f47bdec22414b47cbb7","slug":"131544122183-noida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी के ट्रीटमेंट के लिए प्राधिकरण ने कंपनियों से मांगे सुझाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी के ट्रीटमेंट के लिए प्राधिकरण ने कंपनियों से मांगे सुझाव
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पानी के ट्रीटमेंट के लिए कंपनियों से मांगे सुझाव
प्राधिकरण लगाएगा ट्रीटमेंट प्लांट, पानी की गुणवत्ता सही नहीं होने की मिल रही हैं शिकायतें
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। शहर में पानी की गुणवत्ता सही नहीं होने की जगह-जगह से शिकायतें आ रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नोएडा प्राधिकरण की एक ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना है। हालांकि, इसे लगाने से पहले प्राधिकरण ने कंपनियों से सुझाव मांगे हैं। तभी उन्हें प्लांट लगाने का काम सौंपा जाएगा। बताया जा रहा है कि शहर में कई रेनी वेल खराब हैं। इस वजह से प्रताप विहार प्लांट से मिलने वाले 240 एमएलडी गंगाजल में जब रेनीवेल के पानी को मिक्स किया जाता है तो सप्लाई का पानी पीला हो जाता है। लिहाजा अब प्राधिकरण की योजना है कि रेनी वेल के पानी को भी ट्रीट कर गंगाजल में मिक्स किया जाएगा ताकि लोगों को साफ पानी मिल सके। प्राधिकरण ने ऐसी कंपनियों से सुझाव मांगे हैं, जो इस तरह के प्लांट निर्माण में सक्षम हों। कंपनियों की ओर से आए बेहतर प्रस्ताव का चयन कर प्राधिकरण उस पर काम करेगा।
प्राधिकरण लगाएगा ट्रीटमेंट प्लांट, पानी की गुणवत्ता सही नहीं होने की मिल रही हैं शिकायतें
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। शहर में पानी की गुणवत्ता सही नहीं होने की जगह-जगह से शिकायतें आ रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नोएडा प्राधिकरण की एक ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना है। हालांकि, इसे लगाने से पहले प्राधिकरण ने कंपनियों से सुझाव मांगे हैं। तभी उन्हें प्लांट लगाने का काम सौंपा जाएगा। बताया जा रहा है कि शहर में कई रेनी वेल खराब हैं। इस वजह से प्रताप विहार प्लांट से मिलने वाले 240 एमएलडी गंगाजल में जब रेनीवेल के पानी को मिक्स किया जाता है तो सप्लाई का पानी पीला हो जाता है। लिहाजा अब प्राधिकरण की योजना है कि रेनी वेल के पानी को भी ट्रीट कर गंगाजल में मिक्स किया जाएगा ताकि लोगों को साफ पानी मिल सके। प्राधिकरण ने ऐसी कंपनियों से सुझाव मांगे हैं, जो इस तरह के प्लांट निर्माण में सक्षम हों। कंपनियों की ओर से आए बेहतर प्रस्ताव का चयन कर प्राधिकरण उस पर काम करेगा।