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थर्ड डिग्री मामला : फरार एसआई ने किया समर्पण
Updated Wed, 14 Nov 2018 11:03 PM IST
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थर्ड डिग्री मामला : फरार एसआई ने किया समर्पण
फरीदाबाद। ओल्ड फरीदाबाद निवासी टैक्सी चालक राजेंद्र को गैरकानूनी ढंग से बंधक बनाकर थर्ड डिग्री टॉर्चर दिए जाने के मामले में फरार चल रहे क्राइम ब्रांच सेक्टर-85 के पूर्व प्रभारी एसआई रविंद्र ने ओल्ड फरीदाबाद थाना पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया। पुलिस ने बुधवार को उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में दो पुलिसकर्मियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। तीनों को पुलिस आयुक्त ने गत 1 नवंबर को निलंबित कर दिया था।
ओल्ड फरीदाबाद निवासी राजेंद्र टैक्सी चलाता है। गत 30 अक्तूबर को सेक्टर 29 बाईपास रोड स्थित शराब ठेके पर बहस होने के बाद चार युवक उसे उठाकर क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 ले गए थे। वहां उसे पता चला कि वे पुलिसकर्मी हैं। आरोप है कि सभी नशे में धुत थे और उन्होंने उसे लात-घूसों व डंडों से बुरी तरह पीटा। उसकी जांघों और पैरों पर लोहे का भारी बेलन चलाया गया। राजेंद्र ने बताया कि थर्ड डिग्री देने वाले पुलिसकर्मी उसके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करने की बात आपस में कह रहे थे। मामला उछला तो पुलिस ने विभागीय जांच कराई। जांच में एसआई रविंद्र, सिपाही मनोज व अंशुल के नाम सामने आए। इस पर पुलिस आयुक्त ने क्राइम ब्रांच सेक्टर-85 प्रभारी एसआई रविंद्र और सेक्टर-30 क्राइम ब्रांच में तैनात सिपाही अंशुल और मनोज को गत 1 नवंबर को निलंबित कर दिया था। तीनों के खिलाफ ओल्ड फरीदाबाद थाना पुलिस में मामला दर्ज किया गया। बुधवार को इस मामले में रविंद्र ने आत्मसमर्पण कर दिया।
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फरीदाबाद। ओल्ड फरीदाबाद निवासी टैक्सी चालक राजेंद्र को गैरकानूनी ढंग से बंधक बनाकर थर्ड डिग्री टॉर्चर दिए जाने के मामले में फरार चल रहे क्राइम ब्रांच सेक्टर-85 के पूर्व प्रभारी एसआई रविंद्र ने ओल्ड फरीदाबाद थाना पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया। पुलिस ने बुधवार को उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में दो पुलिसकर्मियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। तीनों को पुलिस आयुक्त ने गत 1 नवंबर को निलंबित कर दिया था।
ओल्ड फरीदाबाद निवासी राजेंद्र टैक्सी चलाता है। गत 30 अक्तूबर को सेक्टर 29 बाईपास रोड स्थित शराब ठेके पर बहस होने के बाद चार युवक उसे उठाकर क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 ले गए थे। वहां उसे पता चला कि वे पुलिसकर्मी हैं। आरोप है कि सभी नशे में धुत थे और उन्होंने उसे लात-घूसों व डंडों से बुरी तरह पीटा। उसकी जांघों और पैरों पर लोहे का भारी बेलन चलाया गया। राजेंद्र ने बताया कि थर्ड डिग्री देने वाले पुलिसकर्मी उसके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करने की बात आपस में कह रहे थे। मामला उछला तो पुलिस ने विभागीय जांच कराई। जांच में एसआई रविंद्र, सिपाही मनोज व अंशुल के नाम सामने आए। इस पर पुलिस आयुक्त ने क्राइम ब्रांच सेक्टर-85 प्रभारी एसआई रविंद्र और सेक्टर-30 क्राइम ब्रांच में तैनात सिपाही अंशुल और मनोज को गत 1 नवंबर को निलंबित कर दिया था। तीनों के खिलाफ ओल्ड फरीदाबाद थाना पुलिस में मामला दर्ज किया गया। बुधवार को इस मामले में रविंद्र ने आत्मसमर्पण कर दिया।
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