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एक सप्ताह में देनी होगी अधूरी परियोजनाओं की रिपोर्ट
Updated Sun, 19 Aug 2018 12:24 AM IST
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हेडिंग: एक सप्ताह में देनी होगी अधूरी परियोजनाओं रिपोर्ट
रेरा अध्यक्ष ने नोएडा, ग्रेनो, यमुना व गाजियाबाद प्राधिकरण की ली बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। बिल्डरों की अधूरी परियोजनाओं की ताजा स्टेटस रिपोर्ट नोएडा, ग्रेनो, यमुना और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को एक सप्ताह में तैयार कर रेरा को सौंपनी होगी। शनिवार को सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण के प्रशासनिक कार्यालय में रेरा के अध्यक्ष राजीव कुमार ने चारों प्राधिकरणों के अधिकारियों की बैठक लेते हुए यह निर्देश दिए।
करीब ढाई घंटे चली बैठक के दौरान बिल्डरों की अधूरी परियोजनाओं से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की गई। नोएडा के एसीईओ एके श्रीवास्तव ने बताया कि एक सप्ताह में चारों प्राधिकरणों को रिपोर्ट देनी होगी, जिसमें बताना होगा कि कौन-कौन से प्रोजेक्ट में कितना काम अधूरा है और कितना बकाया है। रेरा अध्यक्ष ने प्राधिकरण अधिकारियों की बैठक के बाद क्रेडाई के सदस्यों के साथ भी वार्ता की। इस दौरान यूनिटेक, सुपरटेक, जेपी सहित अन्य बिल्डर कंपनियों के प्रतिनिधियों से परियोजनाओं में देरी की वजह पूछी गई। बैठक के दौरान बिल्डरों ने रिफंड के आदेशों को परियोजनाओं में देरी की वजह बताया। उन्होंने कहा कि कई मामलों में रिफंड के आदेश दिए गए हैं। अगर यह सिलसिला ऐसे ही जारी रहा तो इससे परियोजनाओं को पूरा करने में विलंब होगा।
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हेडिंग: एक सप्ताह में देनी होगी अधूरी परियोजनाओं रिपोर्ट
रेरा अध्यक्ष ने नोएडा, ग्रेनो, यमुना व गाजियाबाद प्राधिकरण की ली बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। बिल्डरों की अधूरी परियोजनाओं की ताजा स्टेटस रिपोर्ट नोएडा, ग्रेनो, यमुना और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को एक सप्ताह में तैयार कर रेरा को सौंपनी होगी। शनिवार को सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण के प्रशासनिक कार्यालय में रेरा के अध्यक्ष राजीव कुमार ने चारों प्राधिकरणों के अधिकारियों की बैठक लेते हुए यह निर्देश दिए।
करीब ढाई घंटे चली बैठक के दौरान बिल्डरों की अधूरी परियोजनाओं से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की गई। नोएडा के एसीईओ एके श्रीवास्तव ने बताया कि एक सप्ताह में चारों प्राधिकरणों को रिपोर्ट देनी होगी, जिसमें बताना होगा कि कौन-कौन से प्रोजेक्ट में कितना काम अधूरा है और कितना बकाया है। रेरा अध्यक्ष ने प्राधिकरण अधिकारियों की बैठक के बाद क्रेडाई के सदस्यों के साथ भी वार्ता की। इस दौरान यूनिटेक, सुपरटेक, जेपी सहित अन्य बिल्डर कंपनियों के प्रतिनिधियों से परियोजनाओं में देरी की वजह पूछी गई। बैठक के दौरान बिल्डरों ने रिफंड के आदेशों को परियोजनाओं में देरी की वजह बताया। उन्होंने कहा कि कई मामलों में रिफंड के आदेश दिए गए हैं। अगर यह सिलसिला ऐसे ही जारी रहा तो इससे परियोजनाओं को पूरा करने में विलंब होगा।
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