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Noida News: कांस्य जीतकर भी रो पड़ा 13 साल का मुक्केबाज, अब स्वर्ण पर नजर
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- डेढ़ साल की मेहनत में जिला से राज्य स्तर तक बनाया मुकाम, हार नहीं बल्कि अधूरा सपना बना रोने की वजह
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। अधिकांश खिलाड़ी पदक जीतकर जश्न मनाते हैं, लेकिन 13 वर्षीय मुक्केबाज सनी यादव की कहानी कुछ अलग है। सहारनपुर में आयोजित राज्य स्तरीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया। लेकिन जीतने के बाद भी सनी पूरे दिन रोते रहे। वजह हार नहीं, बल्कि स्वर्ण पदक का अधूरा सपना था। सनी का मानना है कि वह इससे बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे और यही सोच उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
सेक्टर-12 निवासी सनी कक्षा सात के छात्र हैं और सेक्टर-22 स्थित आरडी पब्लिक स्कूल में पढ़ते हैं। उन्होंने करीब डेढ़ वर्ष पहले बॉक्सिंग की शुरुआत की थी। कम समय में उन्होंने जिला और मंडल स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल कर उन्होंने एक और उपलब्धि अपने नाम की है। सनी प्रतिदिन कई घंटे अभ्यास करते हैं। उनके कोच प्रीतम और साहिल का कहना है कि वह बेहद अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी हैं। कोचों के अनुसार सनी में भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने की क्षमता है। सनी की सफलता में उनके पिता राकेश यादव की भी अहम भूमिका है। वह बेटे के प्रशिक्षण और खानपान का विशेष ध्यान रखते हैं। राकेश यादव का कहना है कि उनका सपना बेटे को देश के लिए खेलते देखने का है। सनी अब अगले टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतने की तैयारी में जुट गए हैं। उनका लक्ष्य एक दिन भारत के लिए खेलते हुए ओलंपिक में तिरंगा लहराना है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। अधिकांश खिलाड़ी पदक जीतकर जश्न मनाते हैं, लेकिन 13 वर्षीय मुक्केबाज सनी यादव की कहानी कुछ अलग है। सहारनपुर में आयोजित राज्य स्तरीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया। लेकिन जीतने के बाद भी सनी पूरे दिन रोते रहे। वजह हार नहीं, बल्कि स्वर्ण पदक का अधूरा सपना था। सनी का मानना है कि वह इससे बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे और यही सोच उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
सेक्टर-12 निवासी सनी कक्षा सात के छात्र हैं और सेक्टर-22 स्थित आरडी पब्लिक स्कूल में पढ़ते हैं। उन्होंने करीब डेढ़ वर्ष पहले बॉक्सिंग की शुरुआत की थी। कम समय में उन्होंने जिला और मंडल स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल कर उन्होंने एक और उपलब्धि अपने नाम की है। सनी प्रतिदिन कई घंटे अभ्यास करते हैं। उनके कोच प्रीतम और साहिल का कहना है कि वह बेहद अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी हैं। कोचों के अनुसार सनी में भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने की क्षमता है। सनी की सफलता में उनके पिता राकेश यादव की भी अहम भूमिका है। वह बेटे के प्रशिक्षण और खानपान का विशेष ध्यान रखते हैं। राकेश यादव का कहना है कि उनका सपना बेटे को देश के लिए खेलते देखने का है। सनी अब अगले टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतने की तैयारी में जुट गए हैं। उनका लक्ष्य एक दिन भारत के लिए खेलते हुए ओलंपिक में तिरंगा लहराना है।
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