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Noida News: अनियमितता मिलने पर दो फर्मों पर 1.28 करोड़ का जुर्माना
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अनियमितता मिलने पर दो फर्मों पर 1.28 करोड़ का जुर्माना
बोगस बिल पर आईटीसी का लाभ लेने पर उत्तर प्रदेश राज्य वस्तु एवं कर विभाग ने की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। उत्तर प्रदेश राज्य वस्तु एवं कर विभाग ने बोगस बिल पर अधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेने वाले व्यापारियों की जांच कर दो फर्माें से 1.18 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है। विशेष अनुसंधान शाखा के अपर आयुक्त द्वितीय राजाराम गुप्त ने बताया कि बाेगस बिल और बिना पंजीकृत फर्मों से खरीद दिखाकर इमेजर्निक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और वूवेन एंड नीट फर्म से क्लॉथ की खरीदारी कर आईटीसी का लाभ लिया गया।
इमेजर्निक इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म की जांच में पाया गया कि कई सालों में करीब 28 करोड़ की सप्लायी बोगस फर्मो से करते हुए 5.12 करोड़ की आईटीसी का लाभ लिया गया। चोरी पकड़ में आने पर व्यापारी ने गलती स्वीकारते हुए एक करोड़ रुपये अर्थ दंड के रूप में जमा कराया है। वहीं, दूसरे मामले में विशेष अनुसंधान शाखा ने वूवेन एवं निट फर्म की जांच की। जिसमें पाया गया कि व्यापारी ने उन फर्मों से खरीद कर आईटीसी का लाभ लिया जो पंजीकृत ही नहीं हैं। फर्म के स्टॉक में भी विसंगतिया पाई गईं। जांच के परिणाम स्वरूप व्यापारी ने गलती मानते हुए 28 लाख रुपये तत्काल अर्थदंड के रूप में जमा कराया है। सोमवार देर रात तक चली इस कार्रवाई में संयुक्त आयुक्त विवेक आर्य, योगेश कुमार विजय, आशीष शुक्ल, अन्जेश बरनवाल, संतोष कुमार सिंह, डॉ. अन्वेष, संदीप कुमार, विनोद कुमार मिश्र, प्रतीक गुप्ता, शिवेन्द्र जायसवाल, राजीव और रजनीश शामिल रहे।
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बोगस बिल पर आईटीसी का लाभ लेने पर उत्तर प्रदेश राज्य वस्तु एवं कर विभाग ने की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। उत्तर प्रदेश राज्य वस्तु एवं कर विभाग ने बोगस बिल पर अधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेने वाले व्यापारियों की जांच कर दो फर्माें से 1.18 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है। विशेष अनुसंधान शाखा के अपर आयुक्त द्वितीय राजाराम गुप्त ने बताया कि बाेगस बिल और बिना पंजीकृत फर्मों से खरीद दिखाकर इमेजर्निक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और वूवेन एंड नीट फर्म से क्लॉथ की खरीदारी कर आईटीसी का लाभ लिया गया।
इमेजर्निक इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म की जांच में पाया गया कि कई सालों में करीब 28 करोड़ की सप्लायी बोगस फर्मो से करते हुए 5.12 करोड़ की आईटीसी का लाभ लिया गया। चोरी पकड़ में आने पर व्यापारी ने गलती स्वीकारते हुए एक करोड़ रुपये अर्थ दंड के रूप में जमा कराया है। वहीं, दूसरे मामले में विशेष अनुसंधान शाखा ने वूवेन एवं निट फर्म की जांच की। जिसमें पाया गया कि व्यापारी ने उन फर्मों से खरीद कर आईटीसी का लाभ लिया जो पंजीकृत ही नहीं हैं। फर्म के स्टॉक में भी विसंगतिया पाई गईं। जांच के परिणाम स्वरूप व्यापारी ने गलती मानते हुए 28 लाख रुपये तत्काल अर्थदंड के रूप में जमा कराया है। सोमवार देर रात तक चली इस कार्रवाई में संयुक्त आयुक्त विवेक आर्य, योगेश कुमार विजय, आशीष शुक्ल, अन्जेश बरनवाल, संतोष कुमार सिंह, डॉ. अन्वेष, संदीप कुमार, विनोद कुमार मिश्र, प्रतीक गुप्ता, शिवेन्द्र जायसवाल, राजीव और रजनीश शामिल रहे।
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