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सिटी ऑफ एपैरल: दिखेगी महिला सशक्तिकरण की झलक
Updated Fri, 21 Sep 2018 02:44 AM IST
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हेडिंग: एपैरल पार्क में दिखेगी महिला सशक्तिकरण की झलक
सबहेड: यमुना क्षेत्र में 100 उद्योगों के लिए आवंटन पत्र जारी, डेढ़ साल में शुरू होंगी इकाइयां
गारमेंट उद्योगों में 70 फीसदी रोजगार पर होगा महिलाओं का अधिकार
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5 हजार करोड़ रुपये एपैरल पार्क में निवेश का प्रस्ताव
5 लाख प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार देने का लक्ष्य
190 एकड़ जमीन पर विकसित होगा एपैरल पार्क
योगेश शर्मा
नोएडा। एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत गौतमबुद्धनगर को ‘सिटी ऑफ एपैरल’ बनाने की कवायद तेज हो गई है। यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 190 एकड़ जमीन पर विकसित होने जा रहा एपैरल पार्क उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश करेगा। यहां लगने वाले गारमेंट उद्योगों में 70 फीसदी रोजगार पर महिलाओं का अधिकार होगा। इसके लिए बाकायदा, जेवर क्षेत्र के आसपास स्थित गांवों में प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे।
दरअसल, पटरी से उतर रही एनसीआर की गारमेंट एक्सपोर्ट इंडस्ट्री के लिए यमुना क्षेत्र में विकसित होने जा रहा एपैरल पार्क ऑक्सीजन का काम करेगा। यूपी इंवेस्टर्स समिट के बाद ओडीओपी योजना के तहत जिले में यह सबसे तेज गति से चलने वाला प्रोजेक्ट है। नोएडा एपैरल एक्सपोर्ट कलस्टर के मुताबिक, 200 से ज्यादा गारमेंट उद्योग लगाने का लक्ष्य है। करीब 100 गारमेंट उद्योग लगाने का रास्ता साफ हो गया है। उद्यमियों ने साक्षात्कार और प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर आवंटन पत्र जारी कर दिए हैं। अगले छह महीने में कब्जा मिल जाएगा। डेढ़ वर्ष में औद्योगिक इकाइयाें में उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
हर गांव में खुलेगा प्रशिक्षण केंद्र
एपैरल पार्क विकसित होने पर चार से पांच लाख प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होने की उम्मीद है। 70 फीसदी रोजगार महिलाओं को दिए जाएंगे। इसके लिए जेवर के आसपास हर गांव में एपैरल एक्सपोर्ट कलस्टर की तरफ से प्रशिक्षण केंद्र खुलेगा। प्रशिक्षण देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
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बांग्लादेश-चीन को टक्कर देगा यूपी
मौजूदा समय में भारत की गारमेंट एक्सपोर्ट इंडस्ट्री के सामने बांग्लादेश और चीन बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं। इससे निपटने के लिए यूपी को गारमेंट एक्सपोर्ट के हब के रूप में विकसित करने की योजना है। गौतमबुद्ध नगर के बाद पूर्वांचल के गोरखपुर और बुंदेलखंड में छोटे एपैरल पार्क विकसित किए जाएंगे।
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विकास के मामले में जिले का एपैरल पार्क ‘गेटवे ऑफ यूपी’ कहलाएगा। प्रदेश सरकार ने पूर्वांचल में छोटे एपैरल पार्क स्थापित करने की इच्छा जाहिर की है। हमारा लक्ष्य औद्योगिक विकास के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है।
- ललित ठुकराल, अध्यक्ष-नोएडा एपैरल एक्सपोर्ट कलस्टर
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सबहेड: यमुना क्षेत्र में 100 उद्योगों के लिए आवंटन पत्र जारी, डेढ़ साल में शुरू होंगी इकाइयां
गारमेंट उद्योगों में 70 फीसदी रोजगार पर होगा महिलाओं का अधिकार
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5 हजार करोड़ रुपये एपैरल पार्क में निवेश का प्रस्ताव
5 लाख प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार देने का लक्ष्य
190 एकड़ जमीन पर विकसित होगा एपैरल पार्क
योगेश शर्मा
नोएडा। एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत गौतमबुद्धनगर को ‘सिटी ऑफ एपैरल’ बनाने की कवायद तेज हो गई है। यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 190 एकड़ जमीन पर विकसित होने जा रहा एपैरल पार्क उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश करेगा। यहां लगने वाले गारमेंट उद्योगों में 70 फीसदी रोजगार पर महिलाओं का अधिकार होगा। इसके लिए बाकायदा, जेवर क्षेत्र के आसपास स्थित गांवों में प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे।
दरअसल, पटरी से उतर रही एनसीआर की गारमेंट एक्सपोर्ट इंडस्ट्री के लिए यमुना क्षेत्र में विकसित होने जा रहा एपैरल पार्क ऑक्सीजन का काम करेगा। यूपी इंवेस्टर्स समिट के बाद ओडीओपी योजना के तहत जिले में यह सबसे तेज गति से चलने वाला प्रोजेक्ट है। नोएडा एपैरल एक्सपोर्ट कलस्टर के मुताबिक, 200 से ज्यादा गारमेंट उद्योग लगाने का लक्ष्य है। करीब 100 गारमेंट उद्योग लगाने का रास्ता साफ हो गया है। उद्यमियों ने साक्षात्कार और प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर आवंटन पत्र जारी कर दिए हैं। अगले छह महीने में कब्जा मिल जाएगा। डेढ़ वर्ष में औद्योगिक इकाइयाें में उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
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हर गांव में खुलेगा प्रशिक्षण केंद्र
एपैरल पार्क विकसित होने पर चार से पांच लाख प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होने की उम्मीद है। 70 फीसदी रोजगार महिलाओं को दिए जाएंगे। इसके लिए जेवर के आसपास हर गांव में एपैरल एक्सपोर्ट कलस्टर की तरफ से प्रशिक्षण केंद्र खुलेगा। प्रशिक्षण देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
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बांग्लादेश-चीन को टक्कर देगा यूपी
मौजूदा समय में भारत की गारमेंट एक्सपोर्ट इंडस्ट्री के सामने बांग्लादेश और चीन बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं। इससे निपटने के लिए यूपी को गारमेंट एक्सपोर्ट के हब के रूप में विकसित करने की योजना है। गौतमबुद्ध नगर के बाद पूर्वांचल के गोरखपुर और बुंदेलखंड में छोटे एपैरल पार्क विकसित किए जाएंगे।
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विकास के मामले में जिले का एपैरल पार्क ‘गेटवे ऑफ यूपी’ कहलाएगा। प्रदेश सरकार ने पूर्वांचल में छोटे एपैरल पार्क स्थापित करने की इच्छा जाहिर की है। हमारा लक्ष्य औद्योगिक विकास के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है।
- ललित ठुकराल, अध्यक्ष-नोएडा एपैरल एक्सपोर्ट कलस्टर