फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Noida Authority active for illegal encroachment in sectors after Retired Colonel and ADM Dispute

रिटायर्ड कर्नल-एडीएम विवाद के बाद जागा प्राधिकरण, अब सेक्टरों के अवैध अतिक्रमण पर नजर

Tue, 28 Aug 2018 12:16 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा Updated Tue, 28 Aug 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
Noida Authority active for illegal encroachment in sectors after Retired Colonel and ADM Dispute
सेक्टर 29 में बैठक में शामिल रिटायर्ड सैन्यकर्मी व अन्य

नोएडा में एडीएम और रिटायर्ड कर्नल विवाद की जड़ में कहीं न कहीं अवैध निर्माण भी है। यही वजह है कि नोएडा प्राधिकरण अब ऐसे अतिक्रमण पर कार्रवाई के मूड में है। यही नहीं सीईओ को भी कई सेक्टरों में ऐसे अतिक्रमण की जानकारी दी गई है। ऐसे अतिक्रमण को नियमित करने या फिर तोड़ने की बात की जा रही है।

विज्ञापन


दरअसल, पिछले दिनों के एडीएम और रिटायर्ड कर्नल विवाद ने काफी तूल पकड़ रखा है। नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-29 में एडीएम के घर का छज्जा तोड़कर अतिक्रमण को खत्म किया। लेकिन यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकने वाली है। प्राधिकरण के सक्षम अधिकारियों की ओर से सीईओ को सेक्टर-28, 29 और 37 के घरों में किए गए अवैध अतिक्रमण की जानकारी दी है। जिन सेक्टरों में अवैध अतिक्रमण की बात की जा रही है। उनमें से कुछ सेक्टरों में सैनिकों के परिवार भी रहते हैं।
विज्ञापन


अधिकारियों के मुताबिक सीईओ से अपील की गई है कि या तो ऐसे अतिक्रमण को नियमों के मुताबिक नियमित कर दिया जाए। अगर नियमों के मुताबिक सीमा के भीतर ऐसे अतिक्रमण किए गए हैं तो उनका समाधान निकल सकता है। लेकिन अगर नियमों से इतर अतिक्रमण किया गया है तो फिर उसका समाधान तोड़फोड़ ही है। अगर अतिक्रमण को नियमित भी किया जाता है तो प्राधिकरण के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


जानकारों की मानें तो ऐसे भी मकान हैं जिसे तोड़ने के क्रम में किसी तरह ही घटना भी हो सकती है। उसकी बड़ी वजह वहां ज्यादा से ज्यादा अतिक्रमण कर लिया गया है, जिसे तोड़ना बेहद मुश्किल है। नियमों के मुताबिक 10 फीसदी तक किए गए अतिक्रमण पर बात बन सकती है। लेकिन इससे ज्यादा और नक्शे से इतर निर्माण किया गया है तो ऐसी हालत में उसे नियमित नहीं किया जा सकता है।


गर्दन बचाने को चल रही जद्दोजहद
सैनिकों का कहना है कि प्राधिकरण का वर्क सर्किल अगर पहले ही इस मामले को संज्ञान में ले लेता तो यह विवाद नहीं बढ़ता और मामला तूल नहीं पकड़ पाता। हालांकि वर्क सर्किल-2 ने मामले को ग्रुप हाउसिंग की ओर मोड़ने की कोशिश की है। लेकिन जानकारों की मानें तो मामले में जवाबदेही वर्क सर्किल पर ही बनती नजर आ रही है। ग्रुप हाउसिंग की ओर से भी इस मामले में तर्क दिया जा रहा है। अब मामले की जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि किसकी गर्दन बचेगी और किसकी कटेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed