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Noida News: पांच चिताओं को मुखाग्नि देने वाले 12 साल के ऋतिक से छिना चाचा का सहारा
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- पिता को आठ साल पहले खोया था
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। उम्र महज 12 साल, कंधों पर बचपन की जिम्मेदारियां और आंखों के सामने एक साथ पांच अपनों की चिताएं। जिस उम्र में बच्चों को पिता का हाथ थामकर आगे बढ़ना चाहिए, उस उम्र में ऋतिक को अपने चाचा महेश, चाची ललिता और उनके तीन बच्चों के शवों को मुखाग्नि देनी पड़ी। रबूपुरा में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के बाद ऋतिक के सिर से चाचा का साया भी उठ गया। करीब आठ साल पहले उसके पिता राहुल की ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। बताया गया कि उन्होंने आत्महत्या की थी। पिता के जाने के बाद ऋतिक और उसकी बहन खुर्जा के पास स्थित अपने ननिहाल टैनी मौजपुर में रहने लगे। चाचा महेश से उनका जुड़ाव परिवार के बचे हुए सहारे जैसा था। आसपास मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था।
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माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। उम्र महज 12 साल, कंधों पर बचपन की जिम्मेदारियां और आंखों के सामने एक साथ पांच अपनों की चिताएं। जिस उम्र में बच्चों को पिता का हाथ थामकर आगे बढ़ना चाहिए, उस उम्र में ऋतिक को अपने चाचा महेश, चाची ललिता और उनके तीन बच्चों के शवों को मुखाग्नि देनी पड़ी। रबूपुरा में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के बाद ऋतिक के सिर से चाचा का साया भी उठ गया। करीब आठ साल पहले उसके पिता राहुल की ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। बताया गया कि उन्होंने आत्महत्या की थी। पिता के जाने के बाद ऋतिक और उसकी बहन खुर्जा के पास स्थित अपने ननिहाल टैनी मौजपुर में रहने लगे। चाचा महेश से उनका जुड़ाव परिवार के बचे हुए सहारे जैसा था। आसपास मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था।