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मेवात के तीन गोपालक सीएम का ''गोपालक सम्मान'' वापिस करेगें
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:40 AM IST
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डीसी फोटो
तीन गोपालक सीएम का गोपालक सम्मान लौटाएंगे
-तीन साल पहले सीएम ने मेवात के 80 गोपालकों को सम्मानित किया था
अमर उजाला ब्यूरो
नूंह। पिछले दो साल से गोतस्करी के नाम पर हुई हत्या से मेवात के गोपालक आहत हैं। करीब तीन साल पहले हरियाणा सरकार द्वारा फिरोजपुर झिरका खंड के गांव पाटखोरी के पूर्व सरपंच जाकिर हुसैन सहित मेवात के करीब 80 गोपलकों को सम्मानित किया था। आए दिन गाय के नाम पर हत्या के बढ़ते मामलों से आहत कई लोगों ने सीएम द्वारा दिए गए सम्मान को लौटाने की घोषणा की है।
पूर्व सरपंच जाकिर हुसैन पाटखोरी ने बताया कि 13 सितंबर 2015 को फिरोजपुर झिरका की अनाज मंडी में देश भर के गोपालकों को सम्मानित करने के लिए एक सम्मेलन आयोजित किया था। इसमें गांव पाटखोरी, मालब, घाघस, दिहाना, भौंड, झिमरावट सहित तीन दर्जन से अधिक गावों के करीब 80 गोपालकों को मुख्यमंत्री मनोहर लाल और आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने गाय देकर सम्मानित किया था।
जाकिर का कहना है कि गोरक्षा के नाम पर पिछले एक साल में पहलू, तालीम, उमर और रकबर सहित पांच लोगों की हत्या कर दी गई है। जाकिर का कहना है कि जो गाय उसे भेंट की थी उसको उन्हें ही दिल्ली तक पहुंचाने का आदेश दिया था। जब वह मेवात के आरएसएस नेता एवं एमडीए के पूर्व चेयरमैन खुर्शीद राजाका के साथ गायों को दिल्ली लेकर गऐ तो दिल्ली के एयरपोर्ट नाके पर उनको गायों के साथ रोक लिया गया था। जब गोरक्षा के नाम पर हत्याएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं तो ऐसे में सीएम द्वारा दिए गए सम्मान का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। इसलिए उन्होने गांव के दो अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने-अपने सम्मान लौटाने का फैंसला लिया है।
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फाईल फोटो--फिरोजपुर झिरका में आयोजित सम्मेलन में मेवात के गोपालकों को सम्मानित करते सीएम मनोहर लाल और आएसएस नेता इंद्रेश कुमार।
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तीन गोपालक सीएम का गोपालक सम्मान लौटाएंगे
-तीन साल पहले सीएम ने मेवात के 80 गोपालकों को सम्मानित किया था
अमर उजाला ब्यूरो
नूंह। पिछले दो साल से गोतस्करी के नाम पर हुई हत्या से मेवात के गोपालक आहत हैं। करीब तीन साल पहले हरियाणा सरकार द्वारा फिरोजपुर झिरका खंड के गांव पाटखोरी के पूर्व सरपंच जाकिर हुसैन सहित मेवात के करीब 80 गोपलकों को सम्मानित किया था। आए दिन गाय के नाम पर हत्या के बढ़ते मामलों से आहत कई लोगों ने सीएम द्वारा दिए गए सम्मान को लौटाने की घोषणा की है।
पूर्व सरपंच जाकिर हुसैन पाटखोरी ने बताया कि 13 सितंबर 2015 को फिरोजपुर झिरका की अनाज मंडी में देश भर के गोपालकों को सम्मानित करने के लिए एक सम्मेलन आयोजित किया था। इसमें गांव पाटखोरी, मालब, घाघस, दिहाना, भौंड, झिमरावट सहित तीन दर्जन से अधिक गावों के करीब 80 गोपालकों को मुख्यमंत्री मनोहर लाल और आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने गाय देकर सम्मानित किया था।
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जाकिर का कहना है कि गोरक्षा के नाम पर पिछले एक साल में पहलू, तालीम, उमर और रकबर सहित पांच लोगों की हत्या कर दी गई है। जाकिर का कहना है कि जो गाय उसे भेंट की थी उसको उन्हें ही दिल्ली तक पहुंचाने का आदेश दिया था। जब वह मेवात के आरएसएस नेता एवं एमडीए के पूर्व चेयरमैन खुर्शीद राजाका के साथ गायों को दिल्ली लेकर गऐ तो दिल्ली के एयरपोर्ट नाके पर उनको गायों के साथ रोक लिया गया था। जब गोरक्षा के नाम पर हत्याएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं तो ऐसे में सीएम द्वारा दिए गए सम्मान का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। इसलिए उन्होने गांव के दो अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने-अपने सम्मान लौटाने का फैंसला लिया है।
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फाईल फोटो--फिरोजपुर झिरका में आयोजित सम्मेलन में मेवात के गोपालकों को सम्मानित करते सीएम मनोहर लाल और आएसएस नेता इंद्रेश कुमार।