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लापरवाही : बिजली निगम ने तीन कमरों का थमाया 75 लाख का बिल
Updated Mon, 09 Jul 2018 11:32 PM IST
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लापरवाही : बिजली निगम ने तीन कमरों का थमाया 75 लाख का बिल
गुरुग्राम। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की फिर एक बार फिर बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस बार निगम ने उपभोक्ता को तीन कमरे के मकान का 75 लाख रुपये का बिल थमा दिया। जिसने उसके पसीने छुड़ा दिए। आरोप है कि लगातार शिकायत के बाद भी बिल ठीक नहीं हो पा रहा है। साथ ही विभाग की ओर से लगातार इसे भरने के लिए मैसेज किए जा रहे हैं।
सनसिटी निवासी अनीता कुमारी ने बताया कि वह अपने पति रतनलाल कश्यप और दो बच्चों के साथ तीन कमरे के मकान में रहती हैं। बिजली का कनेक्शन उनके पति के नाम पर है। बिजली निगम की ओर से उन्हें मई और जून के दो माह का बिल भेजा गया। जिसे देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। 19 अप्रैल को लिए एक मीटर की रीडिंग में 13 दिन की खपत 971669 यूनिट दिखाई गई है, जबकि 3 मई को दूसरे मीटर की रीडिंग में 14 दिन की 649 यूनिट की खपत दिखाई गई है।
उन्होंने ने बताया कि दोनों को मिलाकर निगम ने उन्हें 75, 05, 573 रुपये का बिल थमा दिया है, जबकि पिछले दस वर्षों में उनके घर का बिजली बिल महज 3-4 हजार रुपये के बीच ही आता है। बिल में भी दो अलग-अलग मीटर नंबर का जिक्र किया गया है। दोनों की बिजली खपत यूनिट भी अधिक है। बिल ठीक करवाने के लिए वह विभाग के कई चक्कर काट चुकी हैं, लेकिन उनका कहना है कि अभी तक बिल ठीक नहीं हो पाया है। मामले को लेकर डीएचबीवीएन के अधीक्षक अभियंता केसी अग्रवाल ने कहा कि यदि किसी को भी गलत बिल दिया गया है, तो उसे तुरंत ठीक करवाया जाएगा। उपभोक्ता से किसी भी तरह का एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लिया जाएगा।
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गुरुग्राम। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की फिर एक बार फिर बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस बार निगम ने उपभोक्ता को तीन कमरे के मकान का 75 लाख रुपये का बिल थमा दिया। जिसने उसके पसीने छुड़ा दिए। आरोप है कि लगातार शिकायत के बाद भी बिल ठीक नहीं हो पा रहा है। साथ ही विभाग की ओर से लगातार इसे भरने के लिए मैसेज किए जा रहे हैं।
सनसिटी निवासी अनीता कुमारी ने बताया कि वह अपने पति रतनलाल कश्यप और दो बच्चों के साथ तीन कमरे के मकान में रहती हैं। बिजली का कनेक्शन उनके पति के नाम पर है। बिजली निगम की ओर से उन्हें मई और जून के दो माह का बिल भेजा गया। जिसे देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। 19 अप्रैल को लिए एक मीटर की रीडिंग में 13 दिन की खपत 971669 यूनिट दिखाई गई है, जबकि 3 मई को दूसरे मीटर की रीडिंग में 14 दिन की 649 यूनिट की खपत दिखाई गई है।
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उन्होंने ने बताया कि दोनों को मिलाकर निगम ने उन्हें 75, 05, 573 रुपये का बिल थमा दिया है, जबकि पिछले दस वर्षों में उनके घर का बिजली बिल महज 3-4 हजार रुपये के बीच ही आता है। बिल में भी दो अलग-अलग मीटर नंबर का जिक्र किया गया है। दोनों की बिजली खपत यूनिट भी अधिक है। बिल ठीक करवाने के लिए वह विभाग के कई चक्कर काट चुकी हैं, लेकिन उनका कहना है कि अभी तक बिल ठीक नहीं हो पाया है। मामले को लेकर डीएचबीवीएन के अधीक्षक अभियंता केसी अग्रवाल ने कहा कि यदि किसी को भी गलत बिल दिया गया है, तो उसे तुरंत ठीक करवाया जाएगा। उपभोक्ता से किसी भी तरह का एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लिया जाएगा।
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