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एक टीका लगाने पर 100 रुपये था एएनएम का हिस्सा
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ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट के खेड़ा चौगानपुर गांव में 250 रुपये लेकर गाजियाबाद की वैक्सीन लगाने के मामले में एएनएम व गिरफ्तार दोनों आरोपी सुशील व रवि के बीच हिस्सेदारी पहले से तय थी। एएनएम एक वैक्सीन के बदले 100 रुपये वसूल करती थी। बाकी 150 रुपये में आधा-आधा हिस्सा सुशील और रवि का होता था। मामले में मुख्य आरोपी एएनएम की गिरफ्तारी अभी नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
गाजियाबाद के बुद्ध विहार स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एक एएनएम कोरोना से बचाव के लिए लगाई जा रही वैक्सीन की कालाबाजारी कर रही थी। इसकी सूचना मिलने पर बिसरख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी डॉक्टर सचिंद्र मिश्रा ने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर खेड़ा चौगानपुर से सुशील और रवि को पैसे लेकर वैक्सीन लगाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जांच अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि एएनएम एक वैक्सीन के बदले में 100 रुपये वसूलती थी। बाकी के 150 रुपये में दोनों आरोपी का हिस्सा होता था।
एक कंपनी के कर्मचारियों के शिकायत पर मामले का भंडाफोड़ हुआ था। इस बात की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग के एक सूत्र ने भी की है। जिसके पास लोगों ने फोन पर मामले की शिकायत की थी। इससे पहले ग्रेटर नोएडा स्थित जेपी ग्रीन सोसाइटी में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। जिसमें अलीगढ़ के एक स्वास्थ्य केंद्र को आवंटित वैक्सीन ग्रेटर नोएडा में लगाई गई थी। उक्त मामले में बीटा-दो सेक्टर थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। यहां इस घटना की सूत्रधार एक एएनएम ही थी।
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तीन सप्ताह से लगा रहे थे वैक्सीन
स्वास्थ्य विभाग के एक सूत्र ने बताया कि बीते तीन सप्ताह से हर रविवार को यहां वैक्सीन लगाई जा रही थी। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को पिछले रविवार को ही मिल चुुकी थी। इस पर संज्ञान लेकर बिसरख स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी व पुलिसकर्मी ग्राहक बनकर मौके पर पहुंचे और मामले की सत्यता की जांच की। जबकि, इस रविवार को आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
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गाजियाबाद के बुद्ध विहार स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एक एएनएम कोरोना से बचाव के लिए लगाई जा रही वैक्सीन की कालाबाजारी कर रही थी। इसकी सूचना मिलने पर बिसरख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी डॉक्टर सचिंद्र मिश्रा ने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर खेड़ा चौगानपुर से सुशील और रवि को पैसे लेकर वैक्सीन लगाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जांच अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि एएनएम एक वैक्सीन के बदले में 100 रुपये वसूलती थी। बाकी के 150 रुपये में दोनों आरोपी का हिस्सा होता था।
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एक कंपनी के कर्मचारियों के शिकायत पर मामले का भंडाफोड़ हुआ था। इस बात की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग के एक सूत्र ने भी की है। जिसके पास लोगों ने फोन पर मामले की शिकायत की थी। इससे पहले ग्रेटर नोएडा स्थित जेपी ग्रीन सोसाइटी में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। जिसमें अलीगढ़ के एक स्वास्थ्य केंद्र को आवंटित वैक्सीन ग्रेटर नोएडा में लगाई गई थी। उक्त मामले में बीटा-दो सेक्टर थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। यहां इस घटना की सूत्रधार एक एएनएम ही थी।
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तीन सप्ताह से लगा रहे थे वैक्सीन
स्वास्थ्य विभाग के एक सूत्र ने बताया कि बीते तीन सप्ताह से हर रविवार को यहां वैक्सीन लगाई जा रही थी। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को पिछले रविवार को ही मिल चुुकी थी। इस पर संज्ञान लेकर बिसरख स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी व पुलिसकर्मी ग्राहक बनकर मौके पर पहुंचे और मामले की सत्यता की जांच की। जबकि, इस रविवार को आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।