{"_id":"5f409dd32fca060b7d62b8ef","slug":"noida-road-to-be-build-from-plastic-waste-noida-authority-and-bharat-petroleum-deal-sign","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्लास्टिक कचरे से नोएडा को मिलेगी निजात, जल्द बनेंगी सड़कें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्लास्टिक कचरे से नोएडा को मिलेगी निजात, जल्द बनेंगी सड़कें
Sat, 22 Aug 2020 09:54 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Sat, 22 Aug 2020 09:54 AM IST
विज्ञापन
प्लास्टिक वेस्ट मॉडल पर तैयार होने वाली सड़क के लिए भारत पेट्रोलियम व प्राधिकरण अधकारी के बीच करार।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोएडा प्राधिकरण और भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के बीच शुक्रवार को प्लास्टिक वेस्ट मॉड्यूल के प्रयोग से सड़क बनाने के लिए करार हुआ। दोनों संस्थाएं 500 मीटर लंबी सड़क को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लेंगी और सड़क निर्माण करेंगी।
विज्ञापन
प्राधिकरण कार्यालय में भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक संजय भार्गव और नोएडा प्राधिकरण के जीएम राजीव त्यागी ने करार पर हस्ताक्षर किए। करार के तहत सेक्टर-129 के सामने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के समानांतर 45 मीटर चौड़ी सड़क को 500 मीटर लंबाई व 12 मीटर चौड़ाई में बनाया जाना प्रस्तावित किया गया है।
विज्ञापन
सड़क बनाने में जो भी खर्च होगा, उसका व्यय भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड करेगा जो स्वच्छ भारत मिशन के तहत होगा। इससे पहले नोएडा प्राधिकरण ने लिंक रोड पर चिल्ला से फिल्म सिटी तक बनाई गई सड़क में प्लास्टिक वेस्ट का प्रयोग किया था।
विज्ञापन
विशेषज्ञों की मानें तो प्लास्टिक वेस्ट का प्रयोग सड़क निर्माण में करने से सड़क की मजबूती होती है और बारिश के दिनों में सड़क को किसी प्रकार की हानि से बचाती है। साथ ही, इसकी आयु भी कई वर्षों तक बनी रहती है, जबकि सामान्य सड़कों की आयु काफी कम होती है और बारिश के दिनों में वह टूट जाती है।
यही वजह है कि सड़क निर्माण में प्लास्टिक वेस्ट का प्रयोग किया जा रहा है। इसके अलावा एक फायदा यह भी है कि नोएडा में कचरे के निस्तारण के बाद जो प्लास्टिक मिल रहा है। उसकी खपत सड़क निर्माण में होगी इससे एक साथ दो-दो काम होंगे।