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Noida: आईआईएम से एमबीए पास सॉल्वर बैंक क्लर्क की परीक्षा देते गिरफ्तार, सात साल से कर रहा है ऐसा फर्जीवाड़ा
Mon, 06 Oct 2025 07:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 06 Oct 2025 07:18 AM IST
सार
आरोपी गुरुग्राम की बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी करता है। आरोपी के पास से मोबाइल, नकदी समेत अन्य सामान बरामद हुआ है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि वह 2018 से इस तरह का फर्जीवाड़ा कर रहा था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
परीक्षार्थी के स्थान पर बैंक क्लर्क की परीक्षा दे रहे आईआईएम इंदौर के एमबीए डिग्रीधारी सॉल्वर को कोतवाली फेज थ्री पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी मूलरूप से पटना निवासी विश्व भास्कर (35) शनिवार को सेक्टर-64 स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दे रहा था। आरोपी गुरुग्राम की बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी करता है। आरोपी के पास से मोबाइल, नकदी समेत अन्य सामान बरामद हुआ है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि वह 2018 से इस तरह का फर्जीवाड़ा कर रहा था।
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नोएडा सेंट्रल की एडीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि सेक्टर-64 स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र पर शनिवार को बैंक क्लर्क की परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान परीक्षार्थी के स्थान पर सॉल्वर के बैठे होने की सूचना मिली। पुलिस की टीम ने परीक्षा केंद्र से आरोपी विश्व भास्कर को गिरफ्तार कर लिया। वह मोहित कुमार मीना के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि परीक्षा पास कराने के लिए उसने 50 हजार रुपये लिए थे। जिसमें से 25 हजार रुपये परीक्षा में बैठने से पहले लिए गए थे। शेष रकम परीक्षा के बाद उसे दी जानी थी। आरोपी ने अपने कुछ साथियों के नाम भी बताए जो इसी तरह परीक्षा पास कराते हैं। पुलिस उन आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।
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आरोपी के पास से विश्व भास्कर नाम से दो आधार कार्ड, पांच हजार रुपये, मोबाइल, लैपटॉप, इंस्टीटयूट आफ बैकिंग पर्सनल सिलेक्शन से मूल अभ्यर्थी को जारी दस्तावेज, मोहित कुमार मीना के आधार कार्ड की प्रमाणित छायाप्रति, मोहित का एडमिट कार्ड और इंस्टीटयूट ऑफ बैकिंग पर्सनल सिलेक्शन का आवेदन फार्म बरामद हुआ है। पूछताछ में पता चला कि मूल अभ्यर्थी के अभिभावकों से आरोपी की मुलाकात पटना में किसी अन्य जानकार के माध्यम से हुई थी। कोतवाली फेज थ्री में इस मामले में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी से छह घंटे से अधिक पूछताछ की गई।
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फ्लाइट से आता है और फाइव स्टार होटल में रुकता था : पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी लग्जरी जीवन जीता था। परीक्षा देने के लिए वह तय रकम के अलावा अन्य सुविधाएं भी लेता था। वह हवाई जहाज से गंतव्य तक पहुंचता और वहां पांच सितारा होटल में रुकता था। आरोपी ने पूछताछ के दौरान बताया कि आईआईएम इंदौर से एमबीए पास करने के बाद जल्द अमीर बनने के चक्कर में यह काम करने लगा। वह पढ़ाई में अच्छा था। गुरुग्राम की कंपनी में नौकरी के बावजूद अतिरिक्त कमाई के चक्कर में इस तरह का काम करने लगा। पुलिस के मुताबिक उसने यूपीएससी की परीक्षा भी दी थी।
नोएडा में पहले भी हुई है इस तरह की गिरफ्तारी : नोएडा के अलग अलग परीक्षा केंद्रों से सॉल्वरों की पहले भी गिरफ्तारी हो चुकी है। पिछले महीने ही लखनऊ एसटीएफ ने फेज टू स्थित परीक्षा केंद्र से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
परीक्षा में बैठने के लिए लेता था 50 हजार से 1 लाख रुपये
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले भी कई भर्ती परीक्षाओं में सॉल्वर के रूप में परीक्षा दे चुका है। पहले वह आईबीपीएस की पांच परीक्षाओं में शामिल हो चुका है। वह सरकारी नौकरियों के इच्छुक परीक्षार्थियों से संपर्क कर परीक्षा पास कराने की बात कहकर सौदा करता था। इसके लिए फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार कर परीक्षा में शामिल होता था। बिहार पुलिस की परीक्षा में भी वह सॉल्वर बनकर शामिल हुए था। बैंक की परीक्षा में बैठने के लिए वह 50 हजार से एक लाख रुपये लेता था वहीं अन्य परीक्षाओं के लिए 50 से 80 हजार रुपये लेता था।
कोचिंग संचालकों के संपर्क मेंं था आरोपी
पुलिस की जांच में पता चला है कि गिरफ्तार सॉल्वर कोचिंंग संचालकों के संपर्क में रहता है। खासकर बिहार के कई कोचिंग संचालक के बारे में आरोपी ने पुलिस को जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि कोचिंग में पढ़ने वाले छात्र, जिन्हें सॉल्वर की जरूरत होती है वह संचालकों के माध्यम से सॉल्वर से संपर्क करते थे। इसके बाद पैसों की बातचीत होती थी।