दिल्ली: भूखा मरने की आई नौबत तो पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, मुझे न्याय दिला दो बोलते हुए खुद को लगा ली आग और फिर...
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार गांव सजारसी, सेक्टर-69 नोएडा निवासी राजा बाबू मूलरूप से बलिया, यूपी का रहने वाला है। वह सेक्टर-63 में स्थित एक बल्ब बनाने वाली फैक्टरी में काम करता था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नई दिल्ली जिला पुलिस में शुक्रवार दोपहर को उस समय हड़कंप मच गया जब एक व्यक्ति भागता हुआ सुप्रीम कोर्ट की नई बिल्डिंग के गेट नंबर-एक के पास पहुंचा और खुद को आग लगा ली। व्यक्ति ने अपने ऊपर कोई ज्वलनशील पदार्थ डालकर खुद को आग लगाई थी। वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने कंबल आदि डालकर आग पर काबू पाया। उसे एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राजा बाबू गुप्ता(56) नाम का ये अधेड़ व्यक्ति 15 से 20 फीसदी झुलस गया है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार राजा बाबू तीन महीने से सैलरी नहीं मिलने से परेशान था।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार गांव सजारसी, सेक्टर-69 नोएडा निवासी राजा बाबू मूलरूप से बलिया, यूपी का रहने वाला है। वह सेक्टर-63 में स्थित एक बल्ब बनाने वाली फैक्टरी में काम करता था।
बताया जा रहा है कि उसे तीन महीने से सैलरी नहीं मिली थी और उसे नौकरी से निकाल दिया था। सैलरी नहीं मिलने से वह बहुत ज्यादा तनाव में था। न्याय की आस में वह शुक्रवार दोपहर को सुप्रीम कोर्ट की नई बिल्डिंग के गेट नंबर-एक के पास पहुंचा और ज्वलनशील पदार्थ डालकर खुद को आग लगा दी।
भागता हुआ आया और खुद को लगा ली आग
पुलिस अधिकारियों के अनुसार वह दोपहर करीब 1.48 बजे भागता हुआ आया और एक एकदम खुद को आग लगा ली। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों व लोगों ने कंबल आदि डालकर आग पर काबू पाया। पीसीआर ने राजा बाबू को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया। राजा बाबू के हाथ व गर्दन का कुछ हिस्सा झुलसा है। उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस घटना से सुप्रीम कोर्ट के बाहर काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए थे।
परिवार भूखा मरने की स्थिति में पहुंच गया है
राजा बाबू ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को बताया कि उसे तीन महीने से तनख्वाह नहीं मिली है। उसका परिवार भूखा मरने के कगार पर पहुंच गया है। राजा बाबू पुलिसकर्मियों से बार-बार कह रहा था कि साहब मुझे न्याय दिलवा दो। मुझे सैलरी दिलवा दो, ताकि उसका परिवार भूखा न मरे।