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Farmers Protest: 150 से अधिक किसान नेता हाउस अरेस्ट; नोएडा में किसान क्यों इतना नाराज? 10 बिंदुओं में जानें

Thu, 08 Feb 2024 11:11 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, ग्रेटर नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, ग्रेटर नोएडा Published by: आकाश दुबे Updated Thu, 08 Feb 2024 11:11 PM IST
सार

किसानों के दिल्ली कूच के एलान के बाद पुलिस सक्रिय हो गई और गुरुवार सुबह जब किसान नेताओं ने अपने घर से निकालने का प्रयास किया तो पुलिस ने उनको हाउस अरेस्ट कर लिया।

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Noida Farmers Protest More than 150 farmer leaders house arrested know 10 main demands of farmers
दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर किसान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किसान संगठनों के दिल्ली कूच के एलान के बाद से पुलिस बुधवार रात से ही सक्रिय हो गई। रात में ही किसान नेताओं और राजनैतिक पार्टियों और 150 से अधिक किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। हालांकि कुछ किसान नेता पुलिस को चकमा देकर किसी तरह नोएडा तक पहुंचे गए। उधर, प्राधिकरण पर चल रहे धरने पर भी पुलिस ने किसानों को नहीं पहुंचने दिया और पूरा दिन दो-चार किसान ही बैठे रहे। हालांकि पुलिसकर्मियों ने उनको भी घेरे रखा। 

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दरअसल, किसान संगठनों ने अपनी समस्याओं को लेकर संसद का घेराव करने का निर्णय लिया था और सात फरवरी को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बाहर चल रहे धरना स्थल पर किसान सभा के नेतृत्व में महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें सर्वसम्मति से सभी किसान संगठनों ने अपना समर्थन देते हुए दिल्ली कूच कर का एलान कर दिया। इस एलान के बाद ही पुलिस भी सक्रिय हो गई और गुरुवार सुबह जब किसान नेताओं ने अपने घर से निकालने का प्रयास किया तो पुलिस ने उनको हाउस अरेस्ट कर लिया।

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सुबह से लेकर शाम तक किसानों के मोबाइल लेकर उनको अपने कब्जे में ले लिया और एक दूसरे नेताओं से बात तक नहीं करने दिया। उधर, पुलिस के आला अधिकारियों ने ग्रेटर नोएडा में 50 से अधिक स्थानों पर चेकिंग प्वाइंट बनाकर एक-एक वाहन को चेकर करना शुरू कर दिया। किसान सभा के जिलाध्यक्ष को उनके घर से ही पुलिस ने रात में ही हाउस अरेस्ट कर लिया तो बादलपुर से किसान नेता जगवीर सिंह नंबरदार के नेतृत्व में 50 से अधिक किसान एकत्र होकर धरने के लिए चले तो उनको बादलपुर स्थित पार्क में पुलिस सुरक्षा में रखा गया। 

किसान सभा के जिलाध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा और संयोजक वीरसिंह नागर को बुधवार रात को ही पुलिस ने हिरासत में लेकर सेक्टर-146 स्थित एक फार्म हाउस में रखा गया और बृहस्पतिवार रात आठ बजे के बाद ही उनको रिहा किया गया। उधर, जय जवान जय किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष्रा सुनील फौजी को भी रात में ही हिरासत में ले लिया था और दादरी कोतवाली में हिरासत में रखा गया और बृहस्पतिवार देर शाम को ही उनको रिहा किया गया। इसके अलावा किसान नेता मोहित नागर और प्रशांत भाटी को पुलिस ने हिरासत में लेकर धूम मानिकपुर स्थित पुलिस चौकी को रखा गया। इसके अलावा गबरी मुखिया पतवाड़ी में दुष्यंत नागर को रोजा जलालपुर में उनके घर पर ही हाउस अरेस्ट किया गया।

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किसानों की नाराजगी की वजह ये 10 मांगें

  1. जमीन के एवज में 10 फीसदी आबादी भूखंड देने
  2. नए जमीन अधिग्रहण कानून को लागू कराने 
  3. अतिरिक्त मुआवजा 64.7 फीसदी भुगतान कराने
  4. बैक लीज और आबादी के मामलों का निस्तारण करने
  5. प्रभावित किसान परिवारों के युवा-बच्चों को रोजगार देने 
  6. किसान परिवारों को मुफ्त शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था कराने 
  7. अतिक्रमण के नाम पर पुरायी आबादी तोड़ने की कार्रवाई बंद हो
  8. जिले के सभी गांवों में पंचायत व्यवस्था को पुन: बहाल करने
  9. गांवों में विकास करके मूलभूत सुविधाएं देने की प्रक्रिया शुरू की जाए
  10. निजी स्कूलों में प्राधिकरण द्वारा दी गई किसानों को छूट व्यवस्था लागू हो

कई किसान नेताओं ने पुलिस को फोन कर कराया हाउस अरेस्ट
ज्यादातर बड़े किसान नेताओं को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया था, लेकिन कुछ किसान नेताओं पर पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। मगर जब उनके पास पुलिस नहीं पहुंची तो उन्होंने स्वयं फोन करके अधिकारियों से कहा कि वह दिल्ली के लिए कूच कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वह उनके घर पर हाउस अरेस्ट करने के लिए आ रहे हैं। इसके बाद ऐसे किसान नेताओं ने सोशल मीडिया पर हाउस अरेस्ट का स्टेटस लगाया।  

इन किसान संगठनों ने किया संसद कूच
दिल्ली कूच में जय जवान जय किसान मोर्चा, अखिल भारतीय किसान सभा, संयुक्त किसान मोर्चा (भूमि अधिकार), भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान परिषद, भारतीय किसान यूनियन चढूनी, भाकियू कृषक शक्ति, भाकियू स्वतंत्र, भाकियू अजगर, भाकियू अखंड, भाकियू, संयुक्त किसान मोर्चा संगठन, जय हो संगठन, सिस्टम सुधार संगठन आगरा, हरियाणा संघर्ष समिति, दक्षिण भारत के किसान संगठन सिफा और राष्ट्रीय किसान समन्वय समिति समेत करीब 15 किसान संगठनों का समर्थन रहा। 

पुलिस ने किसानों को प्राधिकरण धरनास्थल पर नहीं दिया पहुंचने
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का एक 31 जनवरी से धरना चल रहा है। मगर शुक्रवार को पुलिस ने वहां पर किसानों को आने ही नहीं दिया। सुबह से ही किसानों पर नजर रखनी शुरू कर दी और रात तक जो भी किसान आए उनको हिरासत में लेकर इधर-उधर चौकी-थानों पर रखवाया गया। इस कारण ग्रेनो प्राधिकरण पर किसानों का धरना स्थल खाली ही पड़ा रहा।

ऐच्छर गांव में किसानों का धरना जारी, 12 फरवरी को बुलाई महापंचायत 
ऐच्छर गांव के किसानों ने बृहस्पतिवार को धरना स्थल पर पंचायत करके 12 फरवरी को आगे की रणनीति बनाने के लिए महापंचायत की जाएगी। जिसमें किसान संगठनों और राजनैतिक दलों के पदाधिकारी को बुलाने का आह्वान किया। समिति के प्रवक्ता ब्रिजेश भाटी ने कहा कि धरना स्थल पर 12 फरवरी को होने वाली महापंचायत में सभी किसान संगठनों और राजनैतिक पार्टियों को आमंत्रित किया जाएगा। उनके साथ विचार विमर्स करके आगे की रणनीति बनाई जाएगी। जब तक उनकी सभी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा आंदोलन जारी रहेगा। धरने में सुंदर भाटी, रामचंद पाल, सहदेव भाटी, मोहित भाटी, विनोद भाटी, देवेश भाटी, आस मोहम्मद, प्रमोद, रतनकौर, राजकली देवी, सुनीता देवी, साहिना, सरिफात, अनिशा, मेहरूनिशा, असमा, रहीसा, पार्वती व गीतापाल आदि लोग मौजूद रहे।

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