मुहूर्त के फेर में भाजपा ने नहीं किया ये ऐलान
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महुर्त के फेर में देर रात तक बीजेपी नोएडा प्रत्याशी का ऐलान नहीं कर सकी। जबकि प्रत्याशियों की फाइनल सूची तैयार थी। विधानसभा उपचुनावों के प्रत्याशियों की घोषणा के चलते बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह कश्मीर दौरे से लौटकर सोमवार शाम सात बजे दिल्ली पहुंच गए।
सूची तैयार थी, फिर भी ऐलान नहीं हो सका। सोमवार देर रात मीडिया के सवाल पर अमित शाह ने दस से पंद्रह मिनट में प्रत्याशी घोषित किए जाने की बात कही। लेकिन मंगलवार सुबह एक बजे तक प्रत्याशी की घोषणा नहीं हो सकी।
सूत्रों के मुताबिक अमावस्या के चलते सोमवार को प्रत्याशियों की घोषणा का टाला गया। पदाधिकारी सोमवार रात बारह बजे बाद घोषणा करना चाहते थे। वहीं, इसकी जानकारी बीजेपी मुख्यालय पर प्रत्याशियों की अंतिम सूची की घोषणा का इंतजार कर रहे स्थानीय बीजेपी पदाधिकारियों को भी थी।
इसके चलते देर रात तक पदाधिकारी बीजेपी मुख्यालय के बाहर डटे। लेकिन रात के बारह बजे बाद भी कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की गई। वहीं, तमाम तरह की अटकलों से चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
सुबह से लेकर देर रात तक कई नाम उछले। प्रमुख रूप से पंकज सिंह, मनोज गुप्ता और महेश बाबू गुप्ता का नाम प्रत्याशी बनाए जाने की अटकलों में प्रमुख रूप से रहा। लेकिन पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई।
भाजपा को बदलनी पड़ी अपनी रणनीति
नोएडा में शुरूआत में सपा और कांग्रेस प्रतीक्षा कर रही थी कि भाजपा पहले अपने पत्ते खोले। लेकिन उल्टा हो गया। सपा की घोषणा के बाद कांग्रेस ने भी प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी। जबकि भाजपा सोमवार को सवेरे से लेकर देर रात प्रत्याशी चयन में उलझी रही।
कभी किसी का नाम उछला तो कभी किसी का। सूत्रों के मुताबिक विपक्षी पार्टी के प्रत्याशियों की घोषणा के बाद बदले समीकरणों के कारण बीजेपी को रणनीति बदलने पर मजबूर होना पड़ा ।
दरअसल, पिछले एक सप्ताह से भाजपा में प्रत्याशी को लेकर घमासान मचा हुआ था। संगठन ने पहले कहा कि कोई भाई-भतीजावाद नहीं चलेगा। इसी बिंदु पर पार्टी काम करती रही और पार्टी मुखिया ने नाम भी तय कर दिए थे जिनकी घोषणा रविवार शाम तक होनी थी।
ज्यादातर दावेदार सवेरे से ही दिल्ली में पहुंच चुके थे और देर रात अपनी उम्मीदवारी का इंतजार करते रहे। पार्टी के सूत्र यह भी बताते हैं कि सोमवार को अमावस्या होने के चलते नामों की घोषणा टाल दी गई। अब मंगलवार को प्रत्याशी घोषित किए जाएंगे।
देर रात कांग्रेस ने प्रत्याशी की घोषणा
नोएडा में सोमवार देर रात कांग्रेस ने प्रत्याशी की घोषणा कर दी। जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने राजेंद्र अवाना को प्रत्याशी बनाया है। राजनीति में लंबा अनुभव रखने वाले अवाना वर्तमान में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव हैं।
सपा की ओर से ब्राह्मण को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कांग्रेस ने गुर्जर प्रत्याशी पर दांव खेला है। जिनकी तादाद विधानसभा क्षेत्र में ठीकठाक है। मूलरूप से नया बांस सेक्टर-15 निवासी राजेंद्र के राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र नेता के तौर पर की थी। 1988 में वह दिल्ली यूनिवर्सिटी केअध्यक्ष चुने गए। वर्तमान में पीसीसी के सदस्य हैं।
स्थानीय स्तर पर अवाना महानगर और जिले में यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं। राजेंद्र को कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी बनाए जाने की मुख्य वजह निर्विवाद नेता की पहचान और पार्टी कार्यकर्ताओं में स्वीकार्यता है। पार्टी ने लोकसभा में की गई भूल से बचते हुए पुराने कांग्रेसी को टिकट दिया है। घोषणा के बाद प्रत्याशी ने वरिष्ठ कांग्रेसियों के साथ विचार-विमर्श किया।
अमर उजाला से हुई बातचीत में कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता घर के सदस्यों जैसे हैं। उधर, एआईसीसी के सदस्य अजय चौधरी ने कहा कि पार्टी ने एक कार्यकर्ता को टिकट देकर अच्छा काम किया है। यह पार्टी में बदलाव के संकेत हैं।