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Noida: धार्मिक पहचान से जुड़ी गाड़ी जलाने और वीडियो बनाने मुंबई गए थे दोनों आरोपी, सरगना ने दिया था बड़ा लालच
Sun, 05 Apr 2026 06:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 05 Apr 2026 06:05 AM IST
सार
सरगना ने लालच दिया था कि ऐसे वीडियो को वायरल करेंगे जिससे काफी पैसा आएगा। उसमें (आरोपियों) हिस्सा भी दिया जाएगा।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पकड़े गए लोकेश उर्फ पपला और विकास को हिंदू लिखी (धार्मिक पहचान से जुड़ी) गाड़ी जलाने और उसका वीडियो बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सरगना ने लालच दिया था कि ऐसे वीडियो को वायरल करेंगे जिससे काफी पैसा आएगा। उसमें (आरोपियों) हिस्सा भी दिया जाएगा।
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जब एटीएस ने दोनों को गिरफ्तार किया तो ग्रामीणों को उनकी सच्चाई पता चली और उनकी गतिविधियों की चर्चा गांव में होने लगी। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों के व्यवहार में बदलाव देखा गया था। दोनों को कुछ माह पहले मुंबई भी भेजा गया था लेकिन वहां आग लगाने की घटना को अंजाम नहीं दे सके।
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ग्रामीणों ने बताया कि लोकेश मूल रूप से गाजियाबाद का रहने वाला है जबकि विकास बुलंदशहर के शिकारपुर गांव का है। दोनों के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। लोकेश के पिता विकलांग हैं और किसी व्यक्ति के यहां मुंशी का काम करते थे जबकि विकास के पिता चालक हैं।
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बताया जा रहा है कि दोनों मेरठ के अगवानपुर गांव निवासी साकिब और अरबाब के संपर्क में थे। वे इन दोनों को ट्रेनिंग दे रहे थे। इनको गाड़ी जलाने और उसका वीडियो बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। सरगना साकिब ने बताया था कि उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर काफी फॉलोवर्स हैं जिस पर वीडियो अपलोड करने पर काफी पैसा आएगा। उसने दोनों को ऑनलाइन कुछ पैसे भी भेजे थे। ग्रामीणों का कहना है कि 3-4 माह पहले दोनों को मुंबई भी भेजा गया था। उन्हें वहां किसी स्थान पर आगजनी करने के लिए कहा गया था लेकिन आरोपी बिना कुछ किए वापस आ गए।
खुलासे से हैरान हैं परिजन
लोकेश उर्फ पपला का परिवार छपरौला गांव की राम विहार कॉलोनी में रहता है। उसके पिता रोहतास शर्मा ने करीब 20 साल पहले अपना मकान बनाया था जो जो सड़क स्तर से नीचे पड़ गया है। दो बेटियों की शादी कर चुके हैं। लोकेश की मां करिश्मा का कूल्हा टूटा है और सिर में चोट लगी है। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है। लोकेश घर से एक-एक सप्ताह के लिए लापता रहता था। नशा भी करता है। 28 मार्च को पुलिस छपरौला चौकी पर बात करने के लिए कहकर घर से ले गई थी। वह बेलदारी व शादी समारोह में वेटर का काम भी करता है। घर का खर्च बड़ा बेटा लकी शर्मा संभाल रहा है जो पढ़ाई के साथ-साथ मेहनत मजदूरी भी करता है। आरोपी लोकेश हर साल कांवड़ भी लेकर आता था लेकिन आतंकी नेटवर्क से जुड़ने की बात से पिता व भाई हैरान हैं।
छपरौला में आरोपी विकास का नहीं मिला मकान
बुलंदशहर निवासी आरोपी विकास छपरौला में किराये पर रहता था लेकिन किसी को उसके मकान व रहने के बारे में जानकारी नहीं है। स्थानीय पुलिस इसका पता लगा रही है। मोहल्ले के निवासी उसे देखने और पहचाने से भी इन्कार कर रहे हैं। पुलिस ने विकास के फोटो के साथ मकान की तलाश की लेकिन सफलता नहीं मिली। एक मकान में विकास नाम का युवक मिला लेकिन वह दूसरा था। पुलिस का कहना है कि विकास 15 साल तक हरियाणा में रहा था। कुछ माह पहले ही छपरौला में किराये पर मां के साथ रह रहा था। उसकी मां घरों में काम करती है लेकिन मकान की जानकारी नहीं हो सकी है।
झांकी में सुदामा बनता था पपला
ग्रामीणों ने बताया कि लोकेश उर्फ पपला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की झांकी में सुदामा बनता था और नृत्य भी करता था, लेकिन पिछले साल के कार्यक्रम में उसने हिस्सा नहीं लिया था। अब उसके देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने से सभी अचंभित हैं। उनका कहना है कि इस बात पर भरोसा नहीं हो रहा है। लोगों का कहना है कि वह नशे का आदि हो गया था। रुपये के लिए कुछ भी करने को तैयार रहता था।