डील: किसानों को फायदा, NOIDA पर बोझ!
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नोएडा में किसानों से सीधे जमीन खरीदने पर 1500 करोड़ रुपये से अधिक का बोझ प्राधिकरण पर पड़ेगा। प्राधिकरण ने 183वीं बोर्ड बैठक में किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन खरीदने का निर्णय ले लिया है। उसके हिसाब से दरें भी तय कर दी गई हैं।
अब तक प्राधिकरण किसानों को 1460 रुपये प्रति वर्ग मीटर मुआवजा और इसका 64.7 फीसदी अतिरिक्त रकम किसानों को दे रहा है। यह धनराशि तकरीबन 2454 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से बैठ रही है।
अब प्राधिकरण ने जमीन का अधिग्रहण करने के बजाय किसानों से सीधे जमीन खरीदने का निर्णय लिया है। इसके लिए 3960 रुपये की दर निर्धारित की है। यानी 1506 रुपये प्रति वर्ग मीटर ज्यादा देना होगा।
2500 एकड़ जमीन का अधिग्रहण बाकी
प्राधिकरण के चेयरमैन रमा रमण के मुताबिक करीब 2500 एकड़ जमीन का अधिग्रहण बाकी है। एक एकड़ में 4048 वर्ग मीटर जमीन होती है। इस हिसाब से प्राधिकरण करीब 1500 करोड़ रुपये किसानों को देगा। ये दरें एक अगस्त से ही लागू मानी जाएंगी।
जमीन नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और हिंडन नदी के किनारे स्थित एक दर्जन गांवों की हैं। हालांकि पांच फीसदी आवासीय भूखंड न लेने पर किसानों को 5060 रुपये के हिसाब से भुगतान होगा, जिससे यह रकम और बढ़ जाएगी।
इसके अलावा अगर दोनों नदियों और बांध के बीच का एरिया भी प्राधिकरण लेता है तो प्राधिकरण पर यह बोझ 2500 करोड़ रुपये से भी ज्यादा होने का अनुमान है। प्राधिकरण का वित्त एवं लेखा विभाग इसका लेखा-जोखा तैयार करने में जुटा है।
152 सेवाएं होंगी ऑनलाइन
प्राधिकरण से जुड़ी 152 सेवाएं आगामी 15 अगस्त से ऑनलाइन होने जा रही हैं। इनसे जुड़े कागजात पाने के लिए आपको प्राधिकरण के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आवेदनकर्ता को एसएमएस से अपडेट मिलता रहेगा। कागजी आवेदनों को भी इसी सिस्टम में लाया जाएगा।
ये सेवाएं बिल्डिंग प्लान पर स्वीकृति, कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी करना, प्लॉट या शॉप का ट्रांसफर, आवंटी की मृत्यु के बाद प्रॉपर्टी का ट्रांसफर, पावर ऑफ अटॉर्नी पर व्यावसायिक संपत्ति का ट्रांसफर, मोरगेज परमिशन, चेंज इन कंस्टीट्यूशन, लीज डीड को एग्जिक्यूट करना, लीज डीड केलिए टाइम एक्सटेंशन, ड्यूज सर्टिफिकेट जारी करना, कॉमर्शियल प्रॉपर्टी का ट्रांसफर, फंक्शनल सर्टिफिकेट, फ्लैट या घर का ट्रांसफर व सरेंडर, पार्क की घास कटवाने व सफाई, पेड़ों की सिंचाई, औद्योगिक भूखंड का ट्रांसफर आदि शामिल हैं।
15 तक योजनाएं लॉन्च होने के आसार कम
बोर्ड बैठक में घोषणा के बावजूद किसान, दुकान और शिक्षण संस्थानों की योजना 15 अगस्त तक लॉन्च होने के आसार कम ही हैं। प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक किसानों के लिए करीब 800 आरक्षित भूखंडों की योजना 15 सितंबर तक लॉन्च हो सकेगी।
200 कार्पोरेट ऑफिस और करीब 18 शिक्षण संस्थानों के प्लॉटों की योजना भी 15 सितंबर तक आएगी। एक हजार वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों की योजना को अभी अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। इसमें 76 से अधिक भूखंड शामिल हैं।
इसके अलावा 100 के करीब लेफ्टआउट दुकानों की योजना के लिए भी अभी इंतजार करना पड़ेगा। इन सभी योजनाओं की कागजी प्रक्रिया भी पूरी नहीं है और न ही इनके ब्रोशर छप सके हैं।