संविदाकर्मियों के पीएफ के साथ जुर्माना भी भरेगा प्राधिकरण
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नोएडा प्राधिकरण ने यह कबूल कर लिया है कि संविदा कर्मियों को भविष्य निधि (पीएफ) का भुगतान नहीं किया गया है। प्राधिकरण इसको जमा करेगा। ठेकेदार से यदि वसूली करनी हुई तो उससे भी की जाएगी। बुधवार को क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त के समन पर प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक मनमोहन मिश्रा सेक्टर-24 स्थित क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय में पेश हुए। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त का कहना है कि वित्त नियंत्रक ने यह सभी बातें सुनवाई में कबूल की हैं। आयुक्त ने कहा कि संविदाकर्मियों के करोड़ों के पीएफ के साथ जुर्माना भी प्राधिकरण भरेगा।
सुबह करीब 11.30 बजे से सुनवाई शुरू हुई और दोपहर एक बजे तक चली। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त नरेंद्र सिंह ने बताया कि वित्त नियंत्रक मनमोहन मिश्रा ने काफी बैलेंस शीट और रिकॉर्ड दिए हैं। संविदा के करीब 4600 कर्मचारी हैं, जिनका पीएफ प्राधिकरण को देना है। पूछताछ में यह बात सामने आई कि प्राधिकरण ने एक माह के करीब 33 लाख के डिमांड ड्राफ्ट के अलावा पीएफ विभाग में संविदा कर्मियों की कोई राशि जमा नहीं की है।
वित्त नियंत्रक ने कहा है कि पीएफ जमा न होने के लिए प्राधिकरण जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि संभवत 2010-11 से पीएफ की राशि प्राधिकरण से ली जाएगी। हालांकि जानकारी के मुताबिक संविदा कर्मचारी 1980 से कार्यरत हैं। यही वजह है कि बचा हुआ फाइनेंस रिकार्ड भी प्राधिकरण से मांगा गया है। वित्त नियंत्रक का कहना है कि जून अंत तक प्राधिकरण सारी जानकारी पीएफ विभाग को उपलब्ध करा देगा।
उन्होंने बताया कि यूपी के प्रमुख सचिव ने भी सभी विभागों को दिशानिर्देश दिए हैं कि संविदा कर्मियों को भी पीएफ की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ईएसआई की सुविधा भी इन कर्मचारियों को मिलेगी। वहीं इस मामले में मनमोहन मिश्रा से बात की गई तो उनका कहना था कि इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है।