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नोएडा एयरपोर्ट: सर्किल रेट के 4 गुना मुआवजे पर किसान जमीन देने को तैयार

Mon, 04 Jun 2018 12:45 PM IST
मनोज कुमार शर्मा, जेवर
मनोज कुमार शर्मा, जेवर Updated Mon, 04 Jun 2018 12:45 PM IST
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 Noida airport- Farmers will be ready to give land on four times compensation from circle rate

नोएडा एयरपोर्ट के लिए प्रथम चरण में ली जाने वाली जमीन के सर्वे और लोक सुनवाई का काम पूरा कर लिया गया है। पहले चरण में 1441 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। लोक सुनवाई के दौरान 70 प्रतिशत किसान सर्किल रेट का चार गुना देने की शर्त पर तैयार हैं। वहीं, बाकी अन्य शर्तों पर किसान और प्राधिकरण के बीच सहमति बन गई है। सोमवार को प्रशासन लोक सुनवाई की रिपोर्ट शासन को भेजेगा।       

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नोएडा एयरपोर्ट के नियुक्त प्रशासक एसडीएम जेवर प्रसुन्न द्विवेदी के मुताबिक, पहले चरण में जेवर एयरपोर्ट के लिए कुल आठ गांवों के 4281 परिवारों की 1441 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। 142 हेक्टेयर जमीन जमीन ग्राम समाज की है। अधिग्रहण के दौरान 2377 परिवारों को विस्थापित किया जाएगा। अधिग्रहण से पहले यमुना प्राधिकरण की टीम गांवों में लोक सुनवाई कर रही है। वहां ग्रामीणों को अधिग्रहण व पुनर्वासन की प्रक्रिया बता रहे हैं। साथ ही, किसानों के विचार मांगे गए हैं।
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लोक सुनवाई के दौरान 70 प्रतिशत से अधिक किसानों ने शहरी क्षेत्र को खत्म कर ग्रामीण क्षेत्र के सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मांगा है। अगर सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिलता है तो किसान जमीन देने को तैयार है। वहीं, किसान पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन नीति में सरकार की शर्तों पर सहमत हैं। लोक सुनवाई की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। एसडीएम जेवर सोमवार तक शासन को रिपोर्ट भेजेंगे। उसके बाद शासन के दिशा-निर्देश मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी।       

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लोक सुनवाई में किसानों को दिए आश्वासन

- मुआवजा सर्किल रेट या बाजार भाव का दो गुना।
- एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण से प्रभावित होने वाले प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को नौकरी या पांच लाख एक मुश्त मुआवजा या 20 वर्ष तक दो हजार रुपये मासिक भुगतान।      
- पुनर्वास के दौरान ग्रामीण परिवार को इंद्रा आवास तैयार कर देने या निर्मित मकान के बराबर धनराशि या शहरी क्षेत्र में 50 वर्ग मीटर में मकान, डेढ़ लाख रुपये जीवन निर्वाह के लिए एक वर्ष तक 3000 रुपये प्रतिमाह प्रति परिवार।      
- विस्थापन के दौरान परिवहन खर्चा: घर के पुराने समान या मलबे को दूसरी जगह लेकर जाने के लिए प्रति परिवार 50000 रुपये।
- भूमिहीन या छोटे दुकानदारों को भी विस्थापन के दौरान न्यूनतम 25000 रुपये।      

किसानों की मांग
- एयरपोर्ट में जिन गांव की जमीन जा रही है, वहां पूरी तरह से ग्रामीण आबादी निवास करती है। उनका मुख्य व्यवसाय खेती है। इन गांव को शहरी क्षेत्र से निकाल ग्रामीण क्षेत्र में रखा जाए, ताकि जमीन का मुआवजा सर्किल रेट का चार गुना मिल सके। अगर शहरी क्षेत्र में रखा जाता है तो नोएडा की तर्ज पर मुआवजा दिया जाए।
- भूमिहीन परिवारों को पुनर्वास के दौरान उचित मुआवजा दिया जाए।
- जिन गांव का विस्थापन किया जाना है, उन गांव को जेवर तहसील में ही जमीन देकर बसाया जाए।
- विस्थापन की जगह मूलभूत सुविधा जैसे स्कूल, सड़क, बिजली, पेयजल आदि की सुविधा देने के बाद ही विस्थापन किया जाए।  

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