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फीस जमा नहीं की तो दो छात्रों को स्कूल से निकाला
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 31 Jan 2016 02:20 PM IST
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बहरामपुर में केबी मॉर्डन पब्लिक स्कूल प्रबंधन ने फीस जमा न करने पर दो छात्रों (भाइयों) को स्कूल से निकाल दिया। शनिवार को छात्रों के पिता स्कूल में फीस माफ करने की मांग लेकर पहुंचे।
आरोप है कि स्कूल मालिक ने सिक्योरिटी गार्डों के साथ मिलकर उनकी पिटाई की। पिता ने चौकी पर तहरीर देकर स्कूल मालिक पर कार्रवाई की मांग की।
दूसरी तरफ, स्कूल प्रिंसिपल आदित्य कुमार चौधरी का कहना है कि आठ माह से परिजनों ने बच्चों की फीस जमा नहीं कराई है।
बच्चों का पिता खुद को एनजीओ का कार्यकर्ता बताकर फीस माफ करने का दबाव बना रहा था। फीस माफ करने से इंकार करने पर मारपीट का झूठा आरोप लगा रहा है।
बहरामपुर निवासी जयनारायण ने बताया कि वह परचून की दुकान करते हैं। उनके दो बेटे रजत और विवेक बहरामपुर स्थित केबी मॉर्डन पब्लिक स्कूल में पढ़ते हैं।
रजत नौवीं कक्षा का छात्र है, विवेक पहली कक्षा में पढ़ता है। आरोप है कि 20 जनवरी से दोनों बच्चों को फीस जमा न होने के कारण स्कूल मालिक ने बच्चों को स्कूल से निकाल दिया था।
इसके बाद मामले की शिकायत जिलाधिकारी से 21 जनवरी को की गई थी। आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए फीस माफ कराने की गुहार लगाई थी।
जिलाधिकारी ने बीएसए को मामले की जांच के बाद कार्रवाई के लिए निर्देश दिए थे। जयनारायण ने बताया कि बच्चे स्कूल जाने की जिद कर रहे थे, लेकिन उनके पास फीस जमा करने के लिए पैसों का इंतजाम नहीं हो पाया था। शुक्रवार को एक जानकार से उन्होंने स्कूल मालिक की फोन पर बात कराई थी।
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स्कूल मालिक के कहने पर ही शनिवार को दोनों बच्चों को स्कूल भेजा था। वह स्कूल गए तो स्कूल मालिक ने फीस जमा किए बगैर पढ़ाने से मना कर दिया।
जयनारायण ने बताया कि वह अभिभावक सामाजिक कल्याण समिति के सदस्य हैं। संस्था का कार्ड स्कूल मालिक को दिखाया और फीस माफ करने के लिए गुजारिश की तो स्कूल मालिक भड़क गए।
आरोप है कि सिक्योरिटी गार्डों को बुलाकर स्कूल मालिक ने उनके साथ मारपीट की। एसओ विजयनगर सुरेंद्र यादव का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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आरोप है कि स्कूल मालिक ने सिक्योरिटी गार्डों के साथ मिलकर उनकी पिटाई की। पिता ने चौकी पर तहरीर देकर स्कूल मालिक पर कार्रवाई की मांग की।
दूसरी तरफ, स्कूल प्रिंसिपल आदित्य कुमार चौधरी का कहना है कि आठ माह से परिजनों ने बच्चों की फीस जमा नहीं कराई है।
बच्चों का पिता खुद को एनजीओ का कार्यकर्ता बताकर फीस माफ करने का दबाव बना रहा था। फीस माफ करने से इंकार करने पर मारपीट का झूठा आरोप लगा रहा है।
बहरामपुर निवासी जयनारायण ने बताया कि वह परचून की दुकान करते हैं। उनके दो बेटे रजत और विवेक बहरामपुर स्थित केबी मॉर्डन पब्लिक स्कूल में पढ़ते हैं।
रजत नौवीं कक्षा का छात्र है, विवेक पहली कक्षा में पढ़ता है। आरोप है कि 20 जनवरी से दोनों बच्चों को फीस जमा न होने के कारण स्कूल मालिक ने बच्चों को स्कूल से निकाल दिया था।
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इसके बाद मामले की शिकायत जिलाधिकारी से 21 जनवरी को की गई थी। आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए फीस माफ कराने की गुहार लगाई थी।
जिलाधिकारी ने बीएसए को मामले की जांच के बाद कार्रवाई के लिए निर्देश दिए थे। जयनारायण ने बताया कि बच्चे स्कूल जाने की जिद कर रहे थे, लेकिन उनके पास फीस जमा करने के लिए पैसों का इंतजाम नहीं हो पाया था। शुक्रवार को एक जानकार से उन्होंने स्कूल मालिक की फोन पर बात कराई थी।
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स्कूल मालिक के कहने पर ही शनिवार को दोनों बच्चों को स्कूल भेजा था। वह स्कूल गए तो स्कूल मालिक ने फीस जमा किए बगैर पढ़ाने से मना कर दिया।
जयनारायण ने बताया कि वह अभिभावक सामाजिक कल्याण समिति के सदस्य हैं। संस्था का कार्ड स्कूल मालिक को दिखाया और फीस माफ करने के लिए गुजारिश की तो स्कूल मालिक भड़क गए।
आरोप है कि सिक्योरिटी गार्डों को बुलाकर स्कूल मालिक ने उनके साथ मारपीट की। एसओ विजयनगर सुरेंद्र यादव का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।