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Delhi NCR News: भजनपुरा पेट्रोल पंप पर दंगा मामले में सामाजिक-आर्थिक रिपोर्ट नहीं हुई दाखिल
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-मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर के लिए तय
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। दिल्ली दंगों के दौरान भजनपुरा में पेट्रोल पंप के पास हुई हिंसा के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट में बुधवार को दोषियों की सजा पर सुनवाई हुई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत ने पाया कि दोषियों की सामाजिक-आर्थिक रिपोर्ट अभी तक दाखिल नहीं की गई है। अदालत ने इस पर नाराजगी जताते हुए संबंधित पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को मामले को देखने और अगली सुनवाई तक रिपोर्ट दाखिल कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।
सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक अपने सहयोगियों के साथ अदालत में मौजूद रहे। दोषी आरिफ, मोहम्मद खालिद, अब्दुल सत्तार, तनवीर अली व हुनैन भी अदालत में पेश हुए, जिनकी ओर से उनके वकीलों ने पैरवी की। अदालत को बताया गया कि दोषियों की ओर से आय व संपत्ति से जुड़े हलफनामे दाखिल किए जा चुके हैं और जेल अधिकारियों से नॉमिनल रोल भी मिल गई है। लिखित बयान भी दाखिल किए गए हैं, लेकिन सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़ी रिपोर्ट अभी तक पेश नहीं की गई।
एसपीपी ने बताया कि इस संबंध में आदेश 11 सितंबर को संबंधित पुलिस थाने को भेज दिया गया था। अदालत ने कहा कि 11 सितंबर से सुनवाई की मौजूदा तारीख के बीच रिपोर्ट तैयार करने के लिए पर्याप्त समय था, फिर भी रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई और देरी का कारण भी नहीं बताया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि इसे संबंधित डीसीपी के संज्ञान में लाया जाए और वे मामले की निगरानी करें तथा अगली सुनवाई से पहले सामाजिक-आर्थिक रिपोर्ट अदालत में दाखिल कराना सुनिश्चित करें।
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अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। दिल्ली दंगों के दौरान भजनपुरा में पेट्रोल पंप के पास हुई हिंसा के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट में बुधवार को दोषियों की सजा पर सुनवाई हुई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत ने पाया कि दोषियों की सामाजिक-आर्थिक रिपोर्ट अभी तक दाखिल नहीं की गई है। अदालत ने इस पर नाराजगी जताते हुए संबंधित पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को मामले को देखने और अगली सुनवाई तक रिपोर्ट दाखिल कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।
सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक अपने सहयोगियों के साथ अदालत में मौजूद रहे। दोषी आरिफ, मोहम्मद खालिद, अब्दुल सत्तार, तनवीर अली व हुनैन भी अदालत में पेश हुए, जिनकी ओर से उनके वकीलों ने पैरवी की। अदालत को बताया गया कि दोषियों की ओर से आय व संपत्ति से जुड़े हलफनामे दाखिल किए जा चुके हैं और जेल अधिकारियों से नॉमिनल रोल भी मिल गई है। लिखित बयान भी दाखिल किए गए हैं, लेकिन सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़ी रिपोर्ट अभी तक पेश नहीं की गई।
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एसपीपी ने बताया कि इस संबंध में आदेश 11 सितंबर को संबंधित पुलिस थाने को भेज दिया गया था। अदालत ने कहा कि 11 सितंबर से सुनवाई की मौजूदा तारीख के बीच रिपोर्ट तैयार करने के लिए पर्याप्त समय था, फिर भी रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई और देरी का कारण भी नहीं बताया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि इसे संबंधित डीसीपी के संज्ञान में लाया जाए और वे मामले की निगरानी करें तथा अगली सुनवाई से पहले सामाजिक-आर्थिक रिपोर्ट अदालत में दाखिल कराना सुनिश्चित करें।
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