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No PUC-No Fuel: दिल्ली में सरकारी नीति का दिखने लगा असर, चार दिन में 15 हजार से ज्यादा वाहन बगैर ईंधन लौटाए
Sat, 02 May 2026 02:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 02 May 2026 02:20 AM IST
सार
26 से 29 अप्रैल के बीच महज चार दिनों में 15,678 वाहनों को वैध पीयूसी प्रमाणपत्र न होने के कारण पेट्रोल-डीजल देने से मना कर दिया गया।
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दिल्ली में बिना PUC पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा।
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
दिल्ली सरकार की ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नीति का असर अब साफ दिखने लगा है। 26 से 29 अप्रैल के बीच महज चार दिनों में 15,678 वाहनों को वैध पीयूसी प्रमाणपत्र न होने के कारण पेट्रोल-डीजल देने से मना कर दिया गया।
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आंकड़ों के अनुसार, 26 अप्रैल को 3,525 वाहनों को ईंधन नहीं मिला, 27 अप्रैल को 4,012, 28 अप्रैल को 4,235 और 29 अप्रैल को 3,906 वाहनों को फ्यूल स्टेशनों से वापस लौटा दिया गया। ये आंकड़े दिल्ली के नौ डिपो और नोएडा के एक डिपो से सामने आए हैं।
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अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई प्रदूषण नियंत्रण के लिए नीति के सख्त क्रियान्वयन का हिस्सा है। बड़ी संख्या में वाहन बिना वैध पीयूसी के सड़कों पर चल रहे हैं, जो वायु प्रदूषण बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
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सरकार ने 22 अप्रैल को फिर स्पष्ट किया था कि बिना पीयूसी प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। यह नियम अक्टूबर 2025 में लागू किया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में इसके सख्त पालन के निर्देश दिए हैं।