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बिजली कटने का खतरा टला, 'कर्ज' से रोशन होगी दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 30 May 2014 11:51 PM IST
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बीएसईएस की बिजली वितरण कंपनी राजधानी और यमुना पावर लिमिटेड को सरकारी कंपनी पब्लिक फाइनेंस कमेटी (पीएफसी) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कारपोरेशन (आरईसी) से कर्ज मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
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बीएसईएस ने इसकी जानकारी बिजली उत्पादन कंपनी नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन (एनटीपीसी) को दे दी है। एनटीपीसी ने आश्वासन दे दिया है कि अब 31 मई से बिजली सप्लाई बंद नहीं होगी।
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सुप्रीम कोर्ट ने बिजली वितरण कंपनी राजधानी और यमुना पावर लिमिटेड को एनटीपीसी को 31 मई तक करीब 700 करोड़ रुपये अदा करने के आदेश दिए हैं।
बीएसईएस से मिली जानकारी के मुताबिक पब्लिक फाइनेंस कमेटी से राजधानी और यमुना पावर लिमिटेड को 250-250 करोड़ रुपये मिलने का रास्ता साफ हो गया है। वहीं रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कारपोरेशन से भी इन दोनों कंपनियों को 250-250 करोड़ रुपये ऋण मिलने की अनुमति मिल चुकी है। लिहाजा अब बिजली सप्लाई में दिक्कत नहीं होगी।
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दिल्ली के कई हिस्से अंधेरे में डूबे
शुक्रवार शाम अचानक आए आंधी-तूफान से दिल्ली के कई इलाके अंधेरे में डूब गए। कुछ इलाकों को छोड़ दें तो ज्यादातर जगहों पर अंधेरा पसरा रहा। दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड के अधिकारी और कर्मचारी देर रात तक ट्रांसमिशन लाइन को ठीक करने में जुटे रहे। दिल्ली सरकार के लगभग सभी बिजली संयंत्र भी बंद हो गए थे।
दिल्ली ट्रांसको से मिली जानकारी के मुताबिक, शाम करीब पौने पांच बजे राजधानी में करीब 3000 मेगावाट बिजली की कमी रही। उस समय दिल्ली में बिजली की मांग 3200 मेगावाट थी। ट्रांसको के मुताबिक राजघाट पावर प्लांट, गैस टरबाइन पावर स्टेशन, प्रगति पावर प्लांट और बदरपुर थर्मल पावर कारपोरेशन प्लांट से बिजली उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया। हालांकि देर रात बदरपुर की दो यूनिटों को ठीक कर लिया गया।
आंधी-तूफान में पेड़ गिरने से 400 केवी, 220 केवी, 66 केवी और 33 केवी लाइन में ट्रिपिंग आ गई। इस वजह से 11 केवी लाइन को बिजली सप्लाई नहीं हो पा रही थी। बल्लभगढ़-बामनौली, झटिकरा-मुंडका, बवाना-अब्दुल्लापुर, वजीरावाद-गीता कॉलोनी, मंडोला-गोपालपुर, मंडोला-गोपालपुर, मंडोला-वजीरावाद, बामनौली-रोहिणी लाइन ट्रिप करने से कई इलाकों में बत्ती गुल रही। दिल्ली ट्रांसको नेदेर रात बिजली आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद जताई।