दिल्ली में फरमान: विधवा न लगाएं बिंदी
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राजधानी दिल्ली में अब विधवा महिलाओं को पेंशन पाने के लिए सरकार के एक नए फरमान की वजह से मुश्किल झेलनी पड़ सकती है।
दिल्ली सरकार के महिला और बाल कल्याण विभाग ने यह नियम लागू किया है। इसके पीछे विभाग ने वजह बताई है कि माथे पर बिंदी लगी होने का मतलब है कि महिला शादीशुदा है और गलत तरीके से पेंशन का लाभ ले रही है।
यह मामला तब सामने आया जब विभाग ने कई महिलाओं के फार्म की फोटो देखकर उसमें 'रीमैरिड' लिखकर खारिज कर दिया।
माथे पर बिंदी दिखी तो पेंशन नहीं
दरअसल, दिल्ली सरकार ने तीन साल पहले निराश्रित महिलाओं के लिए पेंशन योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत जिस महिला के पति की मौत हो गई हो, महिला का पति गुम हो गया हो या फिर घर छोड़ कर चला गया हो उसे 1500 रुपए मासिक पेंशन दी जाती है।
अगर कोर्ट में तलाक का केस चल रहा हो तो भी यह पेंशन महिला को दी जाती है। लेकिन अब विभाग ने इस तरह पेंशन देने से मना कर दिया है। विभाग का तर्क है इस पेंशन योजना का लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनकी फोटो में माथे पर बिंदी नहीं होगी।
विभाग के नए नियम के मुताबिक, अगर महिला बिंदी लगाती है तो इस मतलब साफ है कि वह विधवा नहीं है। ऐसे में उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
AAP नेता कुमार विश्वास भी कूदे
दरअसल हमारी संस्कृति के अनुसार अभी तक ऐसा होता था कि विधवा महिलाएं सिंदूर और बिंदी से परहेज करती थीं, लेकिन अब आधुनिकता के दौर में इस सब को नजरअंदाज किया जा रहा है।
विभाग के इस नए नियम की वजह से जिन महिलाओं की पेशन रुकी है उन्होंने अब विरोध में आवाज उठानी शुरू कर दी है। महिलाओं का कहना है कि सरकार चाहे तो किसी के शादीशुदा होने की पुष्टि करने का कोई और तरीका निकाल सकती है।
इस मामले में आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने भी सरकार पर व्यंग्य बाण छोड़ा है। ट्विटर पर उन्होंने लिखा कि दिल्ली सरकार ने बिंदी वाली महिलाओं की विधवा पेंशन रोक दी है। अब क्या संस्कृति-नियामन आयोग भी बनाएंगे? बहुमत में 'बहु' का भी मत था, ऐसा मत करो।
दिल्ली Govt नें बिंदी वाली महिलाओं की विधवा-पेंशन रोक दी है.अब क्या "संस्कृति-नियामन आयोग" भी बनाएँगे?बहुमत में "बहु" का भी मत था,ऐसा मत करो
— Dr. Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) June 25, 2014