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दिल्ली-एनसीआर को नहीं मिली स्मॉग से राहत, आज से वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार की संभावना
Mon, 26 Oct 2020 05:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 26 Oct 2020 05:46 AM IST
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हालात सुधारने की कवायद...
- फोटो : amar ujala
दिल्लीवालों को स्मॉग और घातक हवाओं से निजात नहीं पा रही। आज सवेरे आनंद विहार में एक्यूआई 405 दर्ज किया गया। इसे गंभीर श्रेणी में माना जाता है। इसके अलावा रोहिणी, द्वारका और आईटीओ पर एक्यूआई बहुत बुरी स्थिति में है।
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दिल्ली-एनसीआर में रविवार को भी स्मॉग की चदर लिपटी रही। दिल्ली में कल सुबह कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया, लेकिन शाम तक बेहद खराब श्रेणी में आ गया। हालांकि औसत एक्यूआई 349 रहा।
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उधर, फरीदाबाद में हवा लगातार बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की जा रही है। हालांकि शनिवार के मुकाबले एक्यूआई 27 अंक की गिरावट के साथ 350 और गुरुग्राम में 317 रहा। एनसीआर के शहरों में ग्रेटर नोएडा सबसे प्रदूषित रहा। यहां एक्यूआई 392 दर्ज किया गया, जो देश में कलबुर्गी (453) के बाद दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। सफर का अनुमान है कि सोमवार से हवा की गति में वृद्धि होने के साथ वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
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राजधानी में हवा का स्तर दिनभर बेहद खराब श्रेणी में बना रहा। इस वजह से अधिकतर इलाकों में स्मॉग की चादर छाई रही। हॉटस्पॉट मुंडका में एक्यूुआई 423, जहांगीरपुरी में 416 और बवाना में 422 रहा, जो गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। हालांकि शाम तक यहां हवा गंभीर से बेहद खराब श्रेणी में आ गई।
सफर के आंकड़ों के अनुसार निचली सतह पर वायु की गति कम होने और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर रुख होने से राजधानी में प्रदूषण बढ़ा। यही वजह है कि रविवार को भी पराली के जलने के कारण पीएम 2.5 की प्रदूषण में हिस्सेदारी 19 फीसदी रही, जबकि शनिवार को पराली जलाने की 867 घटनाएं दर्ज की गई थीं।
राजधानी में विभिन्न जगहों पर 36 वायु मानक स्टेशन लगे हैं। वहीं, प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दिल्ली सरकार ने रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ अभियान छेड़ रखा है। इससे प्रदूषण में 15 से 20 फीसदी की गिरावट होने का अनुमान है।
कहां कितना रहा एक्यूआई
ग्रेटर नोएडा 392
गाजियाबाद 379
नोएडा 362
फरीदाबाद 350
दिल्ली 349
गुरुग्राम 317
देेश में 5 सबसे प्रदूषित शहर
कलबुर्गी 453
ग्रेटर नोएडा 392
गाजियाबाद 379
बुलंदशहर 369
मेरठ 363