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नो एंट्री प्लान: मांगे थे सात दिन और बीत गए 17 दिन
अमर उजाला, नोएडा
Updated Mon, 03 Feb 2014 03:04 PM IST
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भारी वाहनों की नो एंट्री की योजना सरकारी फाइलों में दब गई है। शहर में पीक टाइम में भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए एक सप्ताह में प्रस्ताव तैयार करना था, लेकिन 17 दिन बीतने के बाद भी इस काम को अंजाम नहीं दिया जा सका है।
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पिछले दिनों स्कूल बस हादसे के बाद भारी वाहनों की नो एंट्री लागू करने की हिदायत प्रशासन ने दी थी। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस को सर्वे कर इसके लिए प्रस्ताव तैयार करना था।
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इसके लिए प्रशासन की तरफ से एक सप्ताह का समय दिया गया था, लेकिन अब तक नो एंट्री का खाका तैयार नहीं हो सका है।
ट्रैफिक पुलिस शहर के चार मार्गों पर सुबह 7 से 11 और शाम 5 से रात 9 बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही रोकने की दलील दे रही है, लेकिन परिवहन विभाग केवल स्कूल टाइम पर ही नो एंट्री का नियम लागू करने का हवाला दे रहा है।
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ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक एमपी-1 (रजनीगंधा से सेक्टर-57 चौक), एमपी-2 (फिल्म सिटी फ्लाईओवर से सेक्टर-60 चौराहा), एमपी-3 (कालिंदी कुंज से सेक्टर-71 चौराहा) के अलावा गोल चक्कर से भंगेल (डीएससी) मार्ग को नो एंट्री के लिए चुना गया है। अधिकारियों की संयुक्त बैठक के बाद ही प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाएगा।