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हरियाणा रणः यहां का फैसला करेंगे यादव

Fri, 12 Sep 2014 01:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Fri, 12 Sep 2014 01:06 PM IST
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No development in patuadi council for last five years.

उद्योगों से घिरते जा राहे पटौदी विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी सहूलियतों का घोर अभाव है। इस अर्ध ग्रामीण क्षेत्र में न तो रोजगार के अच्छे अवसर उपलब्ध हैं और न शिक्षा-स्वास्थ्य का बेहतर प्रबंध।

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चूंकि हलके का प्रतिनिधित्व विपक्षी दल के नुमाइंदे के हाथ में हैं इसलिए पिछले पांच वर्षों में इलाके में दूसरे क्षेत्र के मुकाबले कोई उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं कराए गए।
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पटौदी से इनेलो के गंगाराम विधायक हैं। पिछले विधानसभा चुनाव से पहले परिसीमन में पटौदी का कुछ हिस्सा  दूसरे और अन्य का कुछ भाग इसमें मिला दिया गया था। जातीय समीकरण के हिसाब से इलाके में यादवों का दबदबा है। वैसे इस सुरक्षित क्षेत्र में अधिक संख्या दलितों की है।
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यादवों के बाद जाट, सैनी चुनाव को प्रभावित करने वाली संख्या में हैं। पटौदी शहर में मुस्लिमों की तादाद भी खासी है। इनके कई लोग नगर पालिका में प्रतिनिधित्व करते हैं।

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पटौदी और इससे सटा इलाका फर्रूखनगर कृषि कार्य के लिए चर्चित रहा है। क्षेत्र की हेलीमंडी किसी जमाने में प्रदेश की प्रमुख मंडियों में गिनी जाती थी। शहरीकरण और औद्योगिक विस्तार के बाद यहां की तस्वीर बदलने लगी है। खेती योग्य जमीन निरंतर कम हो रही है।

गांवों में समस्याओं का जाल फैला है। हुनरमंद नहीं होने के कारण यहां के युवकों को आसपास की कंपनियों में नौकरी नहीं मिलती। हेलीमंडी के प्रेमचंद सैनी कहते हैं कि विधानसभा क्षेत्र के लगभग सभी गांवों में एक जैसी समस्या है।

इलाके में नहर-नदी नहीं होने से क्षेत्र में पूरे साल जल संकट बना रहता है। बरसात में गांव, शहर जलभराव के शिकार रहते हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जलनिकासी का पोख्ता प्रबंध नहीं है। औद्योगिक क्षेत्र मानेसर का बड़ा हिस्सा पटौदी में आता है।


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कंपनियों में माल ढुलाई के काम में लगे वाहनों के दबाव से पटौदी शहर के लोग परेशान हैं। यहां चौबीस घंटे जाम की स्थिति बनी रहती है। हेलीमंडी में गर्ल्स कॉलेज और आईटीआई की लंबे समय से मांग की जा रही है, जो अब तक पूरी नहीं हुई है।

इसी तरह फूलों की मंडी स्थापित को लेकर भी आवाजें उठती रही हैं। ग्रामीण इलाके में बिजली संकट रहता है। पटौदी नवाबों का शहर रहा है। क्रिकेटर मंसूर अली खां की यह विरासत रही है। अलग बात है कि नवाब के महल तक पहुंचने वाली सड़की ही लात ठीक नहीं। हरि मंदिर और संस्कृति महाविद्यालय तक जाने का रास्ता भी अच्छा नहीं है।

इलाके की प्रमुख समस्याएं
हेलीमंडी में आईटीआई नहीं
हेलीमंडी में महिला कॉलेज नहीं होने से छात्राओं को जाना पड़ता है बाहर
गांवों में बिजली, पानी संकट
बरसात में पटौदी में जलभराव बड़ी समस्या
पटौदी शहर में जाम
गांवों की अधिकांश सड़कें खस्ता

वोटरों की स्थिति
कुल: 192229
महिला: 900824
पुरुष: 101405

कब कौन विधायक
1967: बी सिंह
1968: रामजीवन सिंह
1972: शीश राम
1977: नारायण सिंह
1982: मोहन लाल
1987: शिवलाल
1991: मोहनलाल
1996:नारायण सिंह
2000: रामबीर सिंह
2005: भूपेंद्र चौधरी
2009: गंगाराम

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