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यूपी: इस चुनाव में लगा भाजपा को बड़ा झटका, लोकसभा चुनाव से पहले मिली करारी हार
Mon, 18 Feb 2019 08:39 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 18 Feb 2019 08:39 PM IST
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जिला पंचायत चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित
- फोटो : अमर उजाला
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हाईकोर्ट के निर्देश और तत्कालीन डीएम द्वारा तय की गई तारीख यानी सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और फिर मतदान हुआ। 53 में से 44 सदस्यों ने चर्चा के बाद जिपं अध्यक्ष प्रदीप चौधरी के खिलाफ मतदान किया।
इस दौरान अध्यक्ष व उनके समर्थक सदस्य नदारद नजर आए। अब पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी की जा रही है। बीते एक सितंबर को जिला पंचायत सदस्यों के एक गुट ने महेंद्र भैया के नेतृत्व में एडीएम प्रशासन को जिपं अध्यक्ष प्रदीप चौधरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए शपथ पत्र सौंपे थे।
इन शपथ पत्रों की गत सात सितंबर को जांच की जानी थी। इसी दौरान विपक्ष के तीन सदस्यों के खिलाफ अचानक एफआईआर दर्ज हुई और शपथ पत्रों की जांच से पहले ही इन तीनों सदस्यों को पुलिस ने दबोच लिया था।
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उस दौरान केवल विपक्ष के 25 सदस्यों के शपथ पत्रों की ही जांच हो सकी थी। इसके बाद उक्त तीनों सदस्यों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने डीएम को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के निर्देश दिए थे।
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इस दौरान अध्यक्ष व उनके समर्थक सदस्य नदारद नजर आए। अब पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी की जा रही है। बीते एक सितंबर को जिला पंचायत सदस्यों के एक गुट ने महेंद्र भैया के नेतृत्व में एडीएम प्रशासन को जिपं अध्यक्ष प्रदीप चौधरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए शपथ पत्र सौंपे थे।
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इन शपथ पत्रों की गत सात सितंबर को जांच की जानी थी। इसी दौरान विपक्ष के तीन सदस्यों के खिलाफ अचानक एफआईआर दर्ज हुई और शपथ पत्रों की जांच से पहले ही इन तीनों सदस्यों को पुलिस ने दबोच लिया था।
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उस दौरान केवल विपक्ष के 25 सदस्यों के शपथ पत्रों की ही जांच हो सकी थी। इसके बाद उक्त तीनों सदस्यों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने डीएम को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के निर्देश दिए थे।
बीते 29 जनवरी को तत्कालीन डीएम ने 18 फरवरी 2019 की तारीख अविश्वास पर चर्चा और जरुरी समझे जाने पर वोटिंग के भी निर्देश जारी कर दिए थे।
सोमवार को डीएम द्वारा नामित जिला पंचायत राज अधिकारी व जिला जज द्वारा नामित सिविल जज ऋषि कुमार की अध्यक्षता में सुबह साढ़े दस बजे अविश्वास प्रस्ताव पर जिला पंचायत सभागार में चर्चा शुरू हुई। जिसमें 53 में से 44 जिला पंचायत सदस्यों ने हिस्सा लिया।
इसके बाद वोटिंग में सभी सदस्यों ने एकतरफा होकर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रदीप चौधरी के खिलाफ दोपहर करीब साढ़े बारह बजे मतदान किया। मतदान के बाद साफ है कि प्रदीप चौधरी के सिर से अध्यक्ष का ताज उतर चुका है।
अब यह ताज किसके सिर सजेगा और कब सजेगा यह देखना बाकी है। इसके बाद सभी सदस्य जीत का जश्न मनाते हुए दोपहर करीब डेढ़ बजे जिला पंचायत सभागार से निकल गए।
सोमवार को डीएम द्वारा नामित जिला पंचायत राज अधिकारी व जिला जज द्वारा नामित सिविल जज ऋषि कुमार की अध्यक्षता में सुबह साढ़े दस बजे अविश्वास प्रस्ताव पर जिला पंचायत सभागार में चर्चा शुरू हुई। जिसमें 53 में से 44 जिला पंचायत सदस्यों ने हिस्सा लिया।
इसके बाद वोटिंग में सभी सदस्यों ने एकतरफा होकर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रदीप चौधरी के खिलाफ दोपहर करीब साढ़े बारह बजे मतदान किया। मतदान के बाद साफ है कि प्रदीप चौधरी के सिर से अध्यक्ष का ताज उतर चुका है।
अब यह ताज किसके सिर सजेगा और कब सजेगा यह देखना बाकी है। इसके बाद सभी सदस्य जीत का जश्न मनाते हुए दोपहर करीब डेढ़ बजे जिला पंचायत सभागार से निकल गए।
यह सत्य की जीत है। हम किसी भी व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ नहीं हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष की नीतियों के खिलाफ अविश्वास लाया गया है।
- महेंद्र भैया
भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाता रहा हूं, इसका खामियाजा भुगता है। पार्टी का समर्थन रहा या नहीं रहा, इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता। पार्टी का कर्मठ कार्यकर्ता हूं और जनसेवा का कार्य करता रहूंगा।
- प्रदीप चौधरी, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष
सुबह साढ़े दस बजे से अविश्वास प्रस्ताव पर बहस शुरू हुई। इसके बाद मतदान कराया गया। जिसमें 53 में से 44 जिपं सदस्य मौजूद रहे और उन्हें जिपं अध्यक्ष के खिलाफ वोट किया। रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी जाएगी। शासन के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अमरजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी
- महेंद्र भैया
भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाता रहा हूं, इसका खामियाजा भुगता है। पार्टी का समर्थन रहा या नहीं रहा, इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता। पार्टी का कर्मठ कार्यकर्ता हूं और जनसेवा का कार्य करता रहूंगा।
- प्रदीप चौधरी, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष
सुबह साढ़े दस बजे से अविश्वास प्रस्ताव पर बहस शुरू हुई। इसके बाद मतदान कराया गया। जिसमें 53 में से 44 जिपं सदस्य मौजूद रहे और उन्हें जिपं अध्यक्ष के खिलाफ वोट किया। रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी जाएगी। शासन के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अमरजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी