रेप के बाद पीड़िता से शादी करने के बावजूद रेपिस्ट को मिलेगी सजा
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हाईकोर्ट ने नाबालिग से रेप करने के बाद उससे विवाह करने के बावजूद साथ रखने से मना करने वाले आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा यदि ऐसे व्यक्ति को जमानत दी गई तो वह पुन:जघन्य अपराध को दोहरा सकता है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पवन कुमार मट्टू ने आरोपी द्वारा पेश उस तर्क को खारिज कर दिया कि पीड़िता की आयु 17 वर्ष है और उसके पिता ने लिखित में उसके साथ समझौता कर लिया है। अदालत ने यह कहा रेप समझौते के अपराधों की श्रेणी में नहीं आता, ऐसे में वह जमानत पाने का हकदार नहीं है।
अदालत ने पीड़िता के पिता की ओर से समझौते संबंधी पेश शपथपत्र को खारिज करते हुए कहा कि यह अपराध समझौते लायक नहीं है। यदि उसे जमानत दी गई तो वह अभियोजन पक्ष के सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने के अलावा फरार भी हो सकता है।
लड़की को घर में रखने से इनकार कर दिया
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी पीड़िता के घर पर किराए पर रहता था। आरोपी ने पीड़िता के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखा और ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर वर्ष 2013 में उसके साथ रेप किया।
लड़की के अभिभावकों को घटना की जानकारी होने पर उसने शिकायत न करने का आग्रह किया और विवाह के लिए हामी भर दी। नवंबर 2013 में दोनों ने विवाह कर लिया, लेकिन उसके परिवार ने लड़की को घर में रखने से इनकार कर दिया। उन्होंने लड़की के परिवार से पैसे व कार मांगी।
यही आरोपी ने लड़की को अपने जीजा से भी शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहा और उसके मना करने पर इंटरनेट पर आपत्तिजनक वीडियो डालने की धमकी दी। पुलिस ने शिकायत पर उसे दिसंबर 2016 को गिरफ्तार कर लिया था।