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सरकारी टेंडर से क्यों किनारा कर रही हैं कंपनियां?
अमर उजाला, नोएडा
Updated Sat, 15 Feb 2014 03:05 PM IST
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नोएडा के हिस्से में आ रहे शाहदरा ड्रेन के तीनों बॉटेलनेक को दूर करने के काम में बाधा आ गई है। बाधा इस काम के लिए निकाले गए टेंडर में कंपनियों की रुचि न दिखाने से है।
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अब बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग की बोर्ड बैठक में निर्णय होगा। सेक्टर 14-15 के बीच, सेक्टर-18 और ओखला बैराज के पास शाहदरा ड्रेन पर बॉटेलनेक को चौड़ा करने के लिए दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने टेंडर जारी किया था।
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दिसंबर के अंतिम और जनवरी के प्रथम सप्ताह में टेंडर खुले। यह देखकर सभी हैरान रह गए कि तीनों ही पुलों के लिए एक-एक कंपनी ने ही आवेदन किया है, जबकि कम से कम तीन आवेदन आने पर ही टेंडर खुल सकता है।
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अब यह निर्णय लिया गया है कि तीनों ही पुलों का मसला सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के बोर्ड के समक्ष रखा जाए। आगामी बुधवार को सिंचाई विभाग के बोर्ड की बैठक होनी है।
अगर बोर्ड आवेदन करने वाली एकमात्र कंपनी को काम कराने की अनुमति दे देता है, शीघ्र ही काम शुरू हो जाएगा। अन्यथा अटक जाएगा और चुनाव बाद ही काम शुरू हो सकेंगे।
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि अभी ये तीनों ही पुल दो-दो लेन के हैं। दो-दो लेन और चौड़े किए जाएंगे। ट्रैफिक की समस्या को ध्यान में रखते हुए पुलों का निर्माण एक-एक करके शुरू होगा। तीनों पुलों को चौड़ा करने में करीब सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका कुल खर्च नोएडा प्राधिकरण ही वहन करेगा।