पंचायत चुनाव में झाड़ू साफ, कहीं 'आप' का तो नहीं असर
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इस बार पंचायत चुनाव चिह्न की सूची से झाड़ू साफ हो गई है। पंच, सरपंच, पंचायत समिति और जिला सदस्यों के लिए आजाद उम्मीदवारों के चुनाव चिह्न में सभी घरेलू सामान को जगह मिली है।
लेकिन झाड़ू की लोकप्रियता को देखते हुए सरकार ने इससे किनारा कर लिया है। भाजपा शासित प्रदेश में त्रिशूल और डमरू को जरूर शामिल कर लिया है।
गुड़गांव और सोहना खंड में पहले चरण के चुनाव होने हैं। पंच, सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद के लिए प्रशासन ने 122 चुनाव चिह्न तय किए हैं।
पंच पद के लिए 20, सरपंच के लिए 30, पंचायत समिति के लिए 30 और जिला सदस्यों के लिए 42 चुनाव चिह्न आवंटित किए गए हैं। पहले चरण की तैयारी में जुटे जिला प्रशासन ने चुनाव चिह्न तैयार करने में बड़ी सावधानी दिखाई है।
उम्मीदवार के नाम से मिलेगा चुनाव चिन्ह
अधिकारिक सूत्रों की मानें तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी का चुनाव चिह्न झाड़ू होने की वजह से पंचायत चुनाव में इसे शामिल नहीं किया गया है। बताया गया है कि अगर इसे चुनाव चिह्न के तौर पर शामिल किया जाता तो उम्मीदवार आम आदमी पार्टी समर्थित प्रतीत होता।
ऐसे में आजाद उम्मीदवार पर पार्टी के चुनाव चिह्न का ठप्पा लगने से उसे फायदा हो सकता था। ऐसे में पिछली बार पंचायत चुनाव की सूची में शामिल झाड़ू को इस बार सूची से हटा दिया गया है।
कैसे आवंटित होगा चुनाव चिह्न-
पदों के अनुसार आने वाले उम्मीदवार के नामों के अक्षर के आधार पर उन्हें चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। अगर किसी उम्मीदवार के पहले अक्षर चुनाव चिह्न से मेल नहीं खाता है तो दूसरे और फिर तीसरे अक्षर में ढूंढ़ा जाएगा।
अगर नाम का कोई भी अक्षर से चुनाव चिह्न नहीं मिलता है तो फिर नजदीकी अक्षर के आधार पर उसे आवंटित किया जाएगा।