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75 फीसदी के बाद भी दाखिले की गारंटी नहीं
कुंदन तिवारी/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sat, 31 May 2014 05:11 AM IST
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12वीं कक्षा में 75 फीसदी या उससे अधिक अंक लाने के बावजूद कॉलेजों में दाखिले की गारंटी नहीं है। क्योंकि इस बार 85 से 95 फीसदी तक तक अंक लाने वाले स्टूडेंट्स की लाइन लगी हुई है।
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ऐसे में सिर्फ दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) के कॉलेजों के भरोसे न बैठे तो अच्छा होगा। महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) से संबद्ध कॉलेजों में भी जरूर आवेदन करें। इस बार कॉलेजों में दाखिले को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा आने वाली है।
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कॉमर्स संकाय में सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ सकती है। क्योंकि दिल्ली के कॉलेजों में तो कॉमर्स की मेरिट हमेशा से 95 फीसदी से ऊपर जाती है। पिछले कई वर्ष से शहर के छह कॉलेजों में भी कॉमर्स संकाय की मेरिट 80 फीसदी के पार जा रही है।
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बल्लभगढ़ स्थित अग्रवाल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. केके गुप्ता के मुताबिक कुछ वर्षों से कॉमर्स में दाखिले के लिए सबसे अधिक मारामारी देखी जा रही है। सीटों की संख्या कम होने के कारण सभी को दाखिला नहीं मिल पाता है। ऐसे में पहली ही कटऑफ में सीटें फुल हो जाती है।
एनआईटी तीन स्थित डीएवी शताब्दी कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सतीश आहुजा ने बताया कि पिछले वर्ष कॉमर्स की कटऑफ 85 फीसदी से अधिक रही थी।
दूसरी कटऑफ पर सीट तक नहीं बची। ऐसे में इस बार कॉमर्स संकाय की कटऑफ 90 फीसदी के पार हो सकती है। परीक्षा परिणाम देखकर ऐसा लग रहा है।