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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   No action should be taken against the residents of Madrasi camp at present: High Court

मद्रासी कैंप के निवासियों के खिलाफ फिलहाल ना की जाए कार्रवाई : हाईकोर्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Sep 2024 08:44 PM IST
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कोर्ट ने कहा- हम सुनिश्चित करेंगे कि आपको वैकल्पिक जमीन पर ले जाया जाए
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि पुराने बारापुला ब्रिज क्षेत्र के मद्रासी कैंप के निवासियों के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई ना की जाए। नए फ्लाईओवर के निर्माण को लेकर इन लोगों से जगह को खाली करने के लिए कहा गया था और उसको लेकर नोटिस दिया गया था। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन एवं न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने इस मामले में दिल्ली सरकार, उसके लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एवं दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को नोटिस जारी किया है। साथ ही प्रशासन से 10 दिनों के भीतर इस बात पर वस्तुस्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है कि कॉलोनी की वजह से जलप्रवाह में बाधा हो रहा है या नहीं।

पीठ ने यह निर्देश जंगपुरा जेजे क्लस्टर मद्रासी कैंप के निवासियों की नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। उसने कहा कि सवाल यह है कि कॉलोनी जलप्रवाह में बाधा डाल रही है या नहीं। अगर जलप्रवाह में कॉलोनी बाधा डाल रही है तो इसे हटना ही होगा। क्योंकि शहर में अनावश्यक रूप से पानी भर रहा है। पीठ ने कहा कि दिल्ली में जो लोग रह रहे हैं और कहते हैं कि वे नहीं चाहते कि उनके घरों में पानी भर जाए। हम शहर में बार-बार पानी नहीं भरने दे सकते। यदि नाले को साफ करना है, तो उसे साफ करना ही होगा, लेकिन हम सुनिश्चित करेंगे कि आपको वैकल्पिक जमीन पर ले जाया जाए। हम प्रशासन से आपका पुनर्वास कराने को कहेंगे। हम आपको पुनर्वास का अधिकार देंगे।
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डीडीए की वकील प्रभाशाय कौर ने कहा था कि यह कॉलोनी जलप्रवाह में बाधा डाल रही है। लोक निर्माण विभाग इसको लेकर कोर्ट को पूरी जानकारी दे सकता है। जब कोर्ट को बताया गया कि प्रशासन 12 सितंबर को वहां के लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने वाला है तब हाईकोर्ट ने ही डीडीए एवं पीडब्ल्यूडी से यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रशासन फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं करेगा। पीडब्ल्यूडी ने पिछले सप्ताह इस क्षेत्र में नोटिस चिपकाए थे और लोगों से पांच सप्ताहों में वहां से बोरिया-बिस्तर समेटने को कहा था। लोग वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराए बगैर वहां से जाने को तैयार नहीं हैं।
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