'कोई रेलवे ट्रैक पर कूड़ा फेंके तो तुरंत करें कार्रवाई, ऐसे लोगों से सख्ती से आएं पेश'
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एनजीटी ने रेलवे से कहा है कि वह ट्रैक के किनारे न सिर्फ बसी झुग्गी बस्तियों बल्कि मौजूद पक्के भवनों से रेलवे ट्रैक पर फेंकने वाले व्यक्तियों से सख्ती से पेश आएं। पीठ ने कहा कि आदेश के मुताबिक, ऐसे सभी लोग जो रेलवे ट्रैक पर कूड़ा-कचरा फैलाते हैं उन पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाएं।
पीठ ने कहा कि पक्के भवन में कोई भी रहता हो यदि वह रेलवे ट्रैक पर गंदगी फैला रहा है तो उस पर कार्रवाईं करें। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को यह निर्देश दिया है। पीठ ने कहा कि नई दिल्ली से लेकर सब्जी मंडी स्टेशन तक कई बिल्डिंग मौजूद हैं।
इनके जरिये रोजाना कूड़े व कचरे की डंपिंग की जाती है। रेलवे इन्हें क्यों नहीं रोक रहा है। यदि आप दोषी लोगों पर सख्ती के साथ पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाएं तो शायद इनकी दोबारा आदेश उल्लंघन करने की हिम्मत नहीं होगी।
झुग्गियों को जल्द स्थानांतरित करने का दिया निर्देश
पीठ ने रेलवे से कहा कि वे आदेश का उल्लंघन करने वाले लोगों की सूची भी ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश करें। साथ ही यह भी बताएं कि रेलवे ने ट्रैक पर कूड़ा व कचरा फेंकने वाले कितने लोगों पर आज तक जुर्माना लगाया है।
रेलवे की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश हुईं। उन्होंने पीठ से कहा कि रेलवे साफ-सफाई को लेकर हरसंभव प्रयास कर रहा है। रेलवे ट्रैक को गंदा करने वालों पर कार्रवाई भी की जा रही है।
वहीं पीठ ने रेलवे ट्रैक किनारे बसी झुग्गी बस्तियों को अभी तक स्थानांतरित न किए जाने पर दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड को भी फटकार लगाई। बोर्ड की ओर से पेश वकील ने कहा कि झुग्गी बस्तियों की पहचान की जा रही है।
इसके अलावा सर्वे भी किया जा रहा है। कुल पांच झुग्गी बस्तियां हैं। उत्तरी दिल्ली में इन्हें स्थानांतरित करने के लिए फ्लैट भी बनाए गए हैं। इस पर पीठ ने कहा कि आप कम से कम एक महीने में एक झुग्गी बस्ती को उत्तरी दिल्ली स्थित फ्लैट में स्थानांतरित करें।