फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   NMRC bought 826 flat from Greno Authority

ग्रेटर नोएडा: एनएमआरसी ने ग्रेनो प्राधिकरण से खरीदे 826 फ्लैट

Thu, 20 Dec 2018 03:26 AM IST
vivek shukla ब्यूरो, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
ब्यूरो, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: vivek shukla Updated Thu, 20 Dec 2018 03:26 AM IST
विज्ञापन
NMRC bought 826 flat from Greno Authority
सांकेतिक चित्र

नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो जल्द शुरू होने जा रही है। ऐसे में एनएमआरसी ने उसे संचालित करने वाले स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों के लिए आवास का इंतजाम कर लिया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से 400 करोड़ रुपये में सेक्टर ओमीक्रॉन वन और वन ए में 826 फ्लैट खरीदे हैं। इसका फैसला हाल ही में संपन्न बोर्ड बैठक में हुआ था।

विज्ञापन


दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर ओमीक्रॉन वन व वन ए में 1200 से अधिक टू बीएचके व थ्री बीएचके फ्लैट बनाए गए हैं। अधिकतर फ्लैट बनकर तैयार हैं। नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो शीघ्र चलनी शुरू होगी। उसके लिए तमाम स्टाफ को घर दिया जाना है। सुरक्षा में तैनात पीएसी के रहने की जगह चाहिए थी।
विज्ञापन


एनएमआरसी ने पहले तो जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया था। प्राधिकरण ने अपने बने हुए फ्लैटों को खरीदने का सुझाव रखा, जिसे एनएमआरसी ने स्वीकार कर लिया। हाल ही में बोर्ड बैठक हुई, जिसमें इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई। प्राधिकरण ने टू बीएचके के 826 फ्लैट एनएमआरसी को दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक फ्लैट की कीमत करीब 58 लाख रुपये तय की गई है। इस हिसाब से एनएमआरसी से करीब 400 करोड़ रुपये मिलेंगे। ये सभी डीलक्स फ्लैट हैं। अधिकतर बन चुके हैं, जिससे एनएमआरसी जब भी पजेशन के लिए कहेगा तो उसे इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

तीन से चार साल पहले ये बनने शुरू हुए थे। ये बिक नहीं पा रहे थे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि एनएमआरसी को फ्लैट देने पर बोर्ड से ही मुहर लग चुकी है। ये फ्लैट बनकर तैयार हैं। एनएमआरसी के स्टाफ के आ जाने से इन सेक्टरों में भी आबादी बस जाएगी।  


स्कीम से 11 आवेदन 
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर ओमीक्रॉन वन और वनए के फ्लैटों के लिए करीब डेढ़ माह पहले स्कीम निकाली थी। अब तक सिर्फ 11 आवेदन आए हैं। इसकी वजह बाजार दर से अधिक कीमत को बताया जा रहा है। हालांकि प्राधिकरण का कहना है कि बिल्डर फ्लैटों की तुलना में इन फ्लैटों का एरिया अधिक है इसलिए खरीदने वालों को रेट अधिक नहीं पड़ेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed