कोली की अंतिम इच्छा जानकर चौंक जाएंगे आप
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रेप के बाद मासूम बच्चियों की निर्मम हत्या और फिर उनके अंगों को टुकडे़-टुकडे़ करके खाने वाले निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली ने फांसी लगने के बाद अपनी आंखें, दिल और किडनी जरूरतमंदों को दान दिए जाने की इच्छा जताई है।
डासना जेल अधीक्षक को लिखे पत्र में सुरेंद्र कोली ने गीता और महात्मा गांधी की आत्मकथा पढ़ने के लिए मांगी है। पत्र में कोली ने जिक्र किया है कि उसे न्याय जरूर मिलेगा।
फिर भी अगर न्याय न देकर उसे फांसी दी जाती है तो उसके शरीर जिसमें आंखें, किडनी, दिल के साथ-साथ अन्य उपयोगी अंग भी दूसरे बीमार या अपंग लोगों को दान में दे दिए जाएं। डासना जेल अधीक्षक एसपी यादव ने बताया कि सुरेंद्र कोली के पत्र को आवश्यक निर्देश के लिए उच्चाधिकारियों के पास भेज दिया गया है।
राष्ट्रपति आफिस से भी फांसी देने पर लग चुकी है मुहर
बता दें कि निठारी कांड के पांच मामलों में दोषी ठहराए जा चुके सुरेंद्र कोली को एक मामले में राष्ट्रपति आफिस से भी फांसी देने पर मुहर लग चुकी है।
विगत दिनों गाजियाबाद सीबीआई विशेष न्यायाधीश एके गुप्ता ने उसका डेथ वारंट भी जारी कर दिया था। फांसी के लिए मेरठ कारागार में इंतजाम पूरे कर लिए गए थे।
कोली को गाजियाबाद से मेरठ कारागार में भी शिफ्ट कर दिया गया था। इसी बीच एक रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई के चलते सुप्रीम कोर्ट ने उसकी फांसी पर 29 अक्तूबर तक स्टे लगा दिया है। 28 अक्तूबर को इस अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।