निर्भया कांड के बचाव पक्ष के वकीलों को नोटिस
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निर्भया कांड पर बनी डॉक्यूमेंट्री नये सिरे से बहस छिड़ गई है। डॉक्यूमेंट्री में निर्भया कांड के बचाव पक्ष के दो वकीलों ने महिलाओं के खिलाफ जमकर बयानबाजी की थी। लेकिन अब उनको यह बहसबाजी भारी पड़ेगी, क्योंकि बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
वकीलों के इस शीर्ष संगठन ने दोनों वकीलों एमएल शर्मा और एके सिंह से महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर स्पष्टीकरण मांगा है। हालांकि, एमएल शर्मा का कहना है कि अभी उन्हें नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है।
गौरतलब है कि ब्रिटिश फिल्ममेकर लेसली उडविन की निर्भया कांड पर बनाई गई डॉक्यूमेंट्री डंडियाज डॉटर में मामले के बचाव पक्ष के वकील एमएल शर्मा ने विवादास्पद बयान देते हुए निर्भया दुष्कर्म की घटना के लिए लड़की को ही जिम्मेदार ठहराया था।
यही नहीं, उन्होंने अपने बयान की पुष्टि करते हुए कहा था कि अगर आप मिठाई को सड़क पर रखेंगे, तो कुत्ते उसे खाने के लिए आएंगे ही। उन्होंने पीड़िता के माता-पिता पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उन्होंने अपनी बेटी को इतनी देर रात में क्यों भेजा था।
दोषियों के वकील ने भी दिया चौंकाने वाला बयान
बचाव पक्ष के वकीलों के साथ ही दोषियों के वकील एपी सिंह ने भी एक ऐसा बयान दिया है कि जिसे जानकर आप चौंक जाएंगे। उन्होंने कहा है कि अगर इतनी रात को उनकी बेटी किसी पुरुष मित्र के साथ फिल्म देखने जाए तो वे उसे जला देंगे।
डॉक्यूमेंट्री में उन्होंने बयान दिया था कि अगर लड़कियां रात में बाहर जाना चाहती हैं तो अपने अभिभावकों के साथ जाएं न कि पुरुष मित्रों के साथ। उन्होंने तो यहां तक कहा कि अगर उनकी बहन या बेटी अवांछित गतिविधियों में संलिप्त मिलती तो वह उस पर पेट्रोल डालकर जला देते।
हमारे समाज में लड़कियों को रात साढ़े आठ बजे के बाद किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जाती।