फांसी के आदेश पर निर्भया के माता-पिता ने जताई खुशी, बोले- बेटी को मिला इंसाफ
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पटियाला हाउस कोर्ट के द्वारा निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा सुनाए जाने बाद उनके मां-पिता ने खुशी जाहिर की है। निर्भया की मां आशा देवी का कहना कि मेरी बेटी को इंसाफ मिला है। चारों दोषियों को सजा दिया जाना देश की महिलाओं को सशक्त बनाएगी। इस फैसले से न्यायिक प्रणाली में लोगों का विश्वास मजबूत होगा।
Asha Devi, mother of 2012 Delhi gang-rape victim: My daughter has got justice. Execution of the 4 convicts will empower the women of the country. This decision will strengthen the trust of people in the judicial system. pic.twitter.com/oz1V5ql8Im
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 7, 2020
वहीं, कोर्ट के फैसले पर निर्भया के पिता बद्रीनाथ सिंह ने कहा कि मैं अदालत के फैसले से खुश हूं। कोर्ट के इस फैसले से इस तरह के अपराध करने वाले लोगों में डर पैदा होगा।
Badrinath Singh, father of 2012 Delhi gang-rape victim: I am happy with the court's decision. The convicts will be hanged at 7 am on 22nd January; This decision will instill fear in people who commit such crimes. pic.twitter.com/CURPOXCUFD
— ANI (@ANI) January 7, 2020
निर्भया के चारों दोषियों अक्षय, विनय, मुकेश और पवन को 22 जनवरी की सुबह सात बजे फांसी होगी। इस दौरान अदालत ने दोषियों के हक का खयाल रखते हुए उन्हें क्यूरेटिव पिटिशन दायर करने के लिए 14 दिन का समय दिया है। इस बीच दोषी क्यूरेटिव पिटीशन दायर कर सकते हैं।
अदालत का फैसला आने के बाद दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर करेंगे। वहीं निर्भया की मां आशा देवी अदालत के फैसले से बहुत खुश हैं।
Nirbhaya convicts' lawyer AP Singh: We will file curative petition in Supreme Court pic.twitter.com/NE6O8C51bI
— ANI (@ANI) January 7, 2020
निराशा जाहिर की चुकी थीं निर्भया की मां
इससे पहले निर्भया की मां आशा देवी ने सजा में देरी होने को लेकर निराशा जाहिर की थीं। उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ढाई साल गुजर गए जबकि, दोषियों की पुनर्विचार याचिका को खारिज हुए 18 महीने बीत गए हैं। मैंने केंद्र सरकार व सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि आरोपियों को तुरंत फांसी दे दी जाए।
'हम पिछले सात साल से संघर्ष कर रहे हैं...'
निर्भया की मां ने ये भी था कहा कि अदालत को पुनर्विचार याचिका को सुनना चाहिए, लेकिन इस याचिका को पहले ही खारिज कर देना चाहिए था। हमारे पास कोई विकल्प नहीं है सिवाय सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकारने के।
हम पिछले सात साल से संघर्ष कर रहे हैं। कोर्ट को उनकी फांसी की तारीख की जल्द घोषणा कर देनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सरकार के 2012 के उन वादों पर भी सवाल उठाए, जिनमें फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना व सीसीटीवी लगाने को कहा गया था, लेकिन वे अब तक पूरे नहीं हो सके हैं।