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फांसी के आदेश पर निर्भया के माता-पिता ने जताई खुशी, बोले- बेटी को मिला इंसाफ

Tue, 07 Jan 2020 06:45 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhishek Singh Updated Tue, 07 Jan 2020 06:45 PM IST
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Nirbhya Father and Mother Happy over convicts will hanged
निर्भया के माता-पिता - फोटो : फाइल फोटो

पटियाला हाउस कोर्ट के द्वारा निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा सुनाए जाने बाद उनके मां-पिता ने खुशी जाहिर की है। निर्भया की मां आशा देवी का कहना कि मेरी बेटी को इंसाफ मिला है। चारों दोषियों को सजा दिया जाना देश की महिलाओं को सशक्त बनाएगी। इस फैसले से न्यायिक प्रणाली में लोगों का विश्वास मजबूत होगा।

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वहीं, कोर्ट के फैसले पर निर्भया के पिता बद्रीनाथ सिंह ने कहा कि मैं अदालत के फैसले से खुश हूं। कोर्ट के इस फैसले से इस तरह के अपराध करने वाले लोगों में डर पैदा होगा। 
 

निर्भया के चारों दोषियों अक्षय, विनय, मुकेश और पवन को 22 जनवरी की सुबह सात बजे फांसी होगी। इस दौरान अदालत ने दोषियों के हक का खयाल रखते हुए उन्हें क्यूरेटिव पिटिशन दायर करने के लिए 14 दिन का समय दिया है। इस बीच दोषी क्यूरेटिव पिटीशन दायर कर सकते हैं।

अदालत का फैसला आने के बाद दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर करेंगे। वहीं निर्भया की मां आशा देवी अदालत के फैसले से बहुत खुश हैं।
 
 

निराशा जाहिर की चुकी थीं निर्भया की मां

इससे पहले निर्भया की मां आशा देवी ने सजा में देरी होने को लेकर निराशा जाहिर की थीं। उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ढाई साल गुजर गए जबकि, दोषियों की पुनर्विचार याचिका को खारिज हुए 18 महीने बीत गए हैं। मैंने केंद्र सरकार व सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि आरोपियों को तुरंत फांसी दे दी जाए।

'हम पिछले सात साल से संघर्ष कर रहे हैं...'
निर्भया की मां ने ये भी था कहा कि अदालत को पुनर्विचार याचिका को सुनना चाहिए, लेकिन इस याचिका को पहले ही खारिज कर देना चाहिए था। हमारे पास कोई विकल्प नहीं है सिवाय सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकारने के।

हम पिछले सात साल से संघर्ष कर रहे हैं। कोर्ट को उनकी फांसी की तारीख की जल्द घोषणा कर देनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सरकार के 2012 के उन वादों पर भी सवाल उठाए, जिनमें फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना व सीसीटीवी लगाने को कहा गया था, लेकिन वे अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। 

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