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निर्भया की मां ने कांग्रेस में शामिल होने से किया इंकार, केजरीवाल के सामने चुनाव लड़ने की थीं अटकलें

Fri, 17 Jan 2020 04:23 PM IST
अवधेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अवधेश कुमार Updated Fri, 17 Jan 2020 04:23 PM IST
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Nirbhaya mother asha devi refused to join Congress
निर्भया की मां - फोटो : एएनआई
निर्भया की मां आशा देवी ने किसी भी दल में शामिल होने से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि मेरा किसी भी राजनीतिक दल में जाने का कोई इरादा नहीं है। साथ ही कहा कि उनकी किसी भी दल से कोई बात भी नहीं हुई है। बता दें कि कीर्ति आजाद ने एक ट्वीट के रीट्वीट करते हुए कहा था कि ऐ मां तुझे सलाम, आशा देवी जी आपका स्वागत है। 
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कीर्ति आजाद के इस ट्वीट के बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि निर्भया की मां कांग्रेस में शामिल हो सकती हैं। वहीं जिस यूजर के ट्वीट को कीर्ति ने रीट्वीट किया था उन्होंने लिखा था कि निर्भया की मां आशा देवी नई दिल्ली से अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कांग्रेस की उम्मीदवार हो सकती हैं।  

निर्भया की मां ने कहा कि वह सिर्फ अपनी बेटी निर्भया के लिए लड़ रही हैं और आगे भी लड़ती रहेंगी। 

वहीं निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में फांसी की तारीख आने के बाद भी दोषियों की लेटलतीफी और नियम-कानून के चलते दोषियों की फांसी में देरी होती दिख रही है उससे निर्भया की मां काफी परेशान हैं। शुक्रवार को तो वह एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में फूट-फूटकर रोने लगीं। इस मामले में जिस तरह गुरुवार को भाजपा और आम आदमी पार्टी ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए उससे निर्भया की मां आशा देवी बहुत आहत हैं।

उन्होंने कहा कि इतने साल तक मैं राजनीति पर कभी नहीं बोली लेकिन आज कहती हूं कि जिस तरह मेरी बच्ची की मौत पर राजनीति हो रही है वह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि अब मैं जरूर कहना चाहूंगी कि जब 2012 में घटना हुई तब इन्हीं लोगों ने हाथ में तिरंगा लिया और काली पट्टी बांधी, खूब रैलियां कीं, खूब नारे लगाए। लेकिन आज यही लोग उस बच्ची की मौत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कोई कह रहा आप ने रोक दिया, कोई कह रहा है मुझे पुलिस दे दीजिए दो दिन में रोक के दिखाऊंगा।

आशा देवी ने आगे कहा, तो अब मैं जरूर कहना चाहूंगी कि ये अपने फायदे के लिए दोषियों की फांसी को रोके हैं। हमें इस बीच में मोहरा बनाया, इन दोनों के बीच में मैं फंसी हूं। तो मैं कहना चाहती हूं खासकर प्रधानमंत्री जी से कि आपने 2014 में बोला था, 'बहुत हुआ नारी पर वार, अबकी बार मोदी सरकार'।

मैं साहब आपसे हाथ जोड़कर कहना चाहती हूं कि जिस तरह से आप दोबारा सरकार में आए हैं, जिस तरह से आपने हजारों काम किए। इस कानून का संशोधन कीजिए क्योंकि कानून बनाने से नहीं होगा। मैं आपसे हाथ जोड़कर कहना चाहती हूं कि एक बच्ची की मौत के साथ मजाक मत होने दीजिए, उन दोषियों को 22 जनवरी को फांसी पर लटकाइए और देश को दिखाइए कि हम देश के रखवाले हैं, महिला की सुरक्षा करने वाले हैं।
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