निर्भया के दोषियों को अंगदान के लिए प्रेरित करने को मिलना चाहती है सामाजिक संस्था
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सामाजिक सेवा से जुड़ी एक संस्था ने तिहाड़ जेल को पत्र लिखकर दोषियों से मिलने की इच्छा जताई है। दोषियों से मिलने का मकसद उन्हें अंगदान के लिए प्रेरित करना है। संस्था का मानना है कि दोषियों द्वारा किए गए कृत्य की सजा उन्हें मिलनी चाहिए लेकिन उनके पास कुछ अच्छा करने का यह अंतिम मौका है और ऐसे में दोषी अंगदान कर कई जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं।
निर्भया सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों से मिलने के लिए रोड एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन संस्था ने तिहाड़ जेल को पत्र लिखा है। संस्था में डॉक्टर, मनोचिकित्सक, धर्मगुरु और अधिवक्ता शामिल हैं। पत्र के माध्यम से इन लोगों ने चारों दोषियों पवन, अक्षय, विनय और मुकेश से मिलकर उन्हें अंगदान के लिए प्रेरित करने की इच्छा जताई है।
'अंगदान के जरिए जरूरतमंदों की मदद'
उनका कहना है कि वह चारों दोषियों से मिलकर यह बताना चाहते हैं कि उनके पास कुछ अच्छा करने का अंतिम मौका है और ऐसे में वह अंगदान कर कई जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं। संस्था के प्रमुख राहुल शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने संस्था के लोगों से विचार विमर्श कर यह पहल की है। अभी तिहाड़ की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। अगर जेल प्रशासन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं देता है तो वह न्यायालय से गुहार लगाएंगे।
वहीं, इस पत्र पर तिहाड़ के प्रवक्ता राजकुमार का कहना है कि तिहाड़ में जो भी पत्र आते हैं, उनका अध्ययन किया जाता है। संस्था की ओर से पत्र मिला है जिसका अभी अध्ययन नहीं किया गया है। तिहाड़ में मौत की सजा पाए दोषियों से किसी भी संस्था को ऐसे नहीं मिलवा सकते हैं। इसके लिए अदालत की इजाजत जरूरी है।