निर्भया के दोषियों के लिए नया डेथ वारंट जारी, अदालत में हुई क्या बहस
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मुकेश कुमार की याचिका पर सुनवाई के दौरान आज इस केस में हुए सबसे बड़े डेवलपमेंट से अदालत को अवगत कराया। वकीलों ने बताया कि आज राष्ट्रपति ने मुकेश की दया याचिका खारिज कर दी है। इस दौरान सरकारी वकील इरफान ने अदालत से ये गुजारिश भी कि फांसी की नई तारीख जारी करें। वकील ने कहा कि अदालत इन सभी हालातों को देखते हुए नया डेथ वारंट जारी करे।
कोर्ट में हुई ये बहसः
अदालत की कार्रवाई शुरू हुई तो सरकारी वकील इरफान अहमद ने कोर्ट को बताया कि राष्ट्रपति ने मुकेश की दया याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने एक आवेदन भी डाला कि चारों दोषियों को नया डेथ वारंट जारी किया जाए। इस वक्त किसी भी अदालत में कोई याचिका लंबित नहीं है।
इस पर कोर्ट ने पूछा कि क्या दोषी को दया याचिका खारिज होने के बारे में बताया गया है? एमिकस क्यूरी वृंदा ग्रोवर ने तब अदालत से कहा कि क्या दोषी को अधिकारिक तौर पर दया याचिका खारिज होने की जानकारी दी गई है? मैं मीडिया रिपोर्ट पर भरोसा नहीं करती क्योंकि ये किसी की जिंदगी और मौत का सवाल है।
इस पर जज ने सरकारी वकील से कहा कि वो दोषी को दया याचिका खारिज होने के बारे में अधिकारिक रूप से अवगत कराएं। इस पर सरकारी वकील ने कहा कि इस बारे में तिहाड़ प्रशासन से कंफर्म करके वह अदालत को एक घंटे में बताएंगे।
वहीं बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि अक्षय और पवन के दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इस पर वृंदा ग्रोवर ने अदालत को बताया कि जेल ने मुकेश को उसके वकील से भी नहीं मिलने दिया। तब जज ने सरकारी वकील से कहा कि मुकेश और उसके वकील की मीटिंग करवाई जाए।
गुरुवार को अदालत में हुई थी ये कार्यवाही
निर्भया के गुनहगार मुकेश कुमार की याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन से 22 जनवरी को फांसी देने की स्थिति पर जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा, जेल प्रशासन शुक्रवार तीन बजे तक लिखित रिपोर्ट दे कि दया याचिका लंबित होने पर क्या प्रावधान है। इससे पहले अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि मुकेश की दया याचिका लंबित होने से 22 जनवरी को फांसी संभव नहीं है।
पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशन जज एसके अरोड़ा के समक्ष जेल प्रशासन ने बताया, दोषियों के पास 22 जनवरी को फांसी की सजा से बचाव के विकल्पों की जानकारी के लिए दिल्ली सरकार को पत्र लिखा गया है। सरकार ने जवाब के लिए वक्त मांगा है। इस पर कोर्ट ने कहा, दया याचिका लंबित होने से डेथ वारंट पर स्वत: रोक लग गई।
कोर्ट ने मामले के अन्य दोषियों अक्षय, विनय और पवन से जुड़ी रिपोर्ट भी देने को कहा है। कोर्ट ने कहा, नई तारीख जेल प्रशासन के जवाब के बाद तय होगी। इससे पहले मुकेश की वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा, दया याचिका पर फैसला आने तक फांसी नहीं दी जा सकती।
जेल अधिकारियों ने मुकेश से संबंधित दस्तावेज देने में देरी की। इसलिए अर्जी दायर करने में देरी हुई है। बुधवार को हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने पर मुकेश ने सेशन कोर्ट में याचिका लगाई थी। सात जनवरी को पटियाला हाउस कोर्ट ने ही डेथ वारंट जारी किया था।
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दया याचिका दो घंटे में खारिज हो सकती है...दो दिन, दो साल भी लग सकते हैं। यह सरकार की इच्छा पर है। डेथ वारंट के बाद इतनी देरी क्यों?- केटीएस तुलसी, सांसद, कांग्रेस
झूठ बोल रही भाजपा, माफी मांगे : आप
फांसी में देरी की जिम्मेदार केंद्र सरकार है। कानून-व्यवस्था पूरी तरह उसके अधीन है। केंद्रीय मंत्री इस गंभीर मामले में झूठ बोलने के लिए माफी मांगे।- संजय सिंह, सांसद आप