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निर्भया केसः फांसी से चार दिन पहले सुप्रीम कोर्ट पहुंचा चौथा दोषी पवन, दायर की सुधारात्मक याचिका

Fri, 28 Feb 2020 04:01 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 28 Feb 2020 04:01 PM IST
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nirbhaya case: Pawan Kumar Gupta files curative petition in Supreme Court
निर्भया का दोषी पवन गुप्ता - फोटो : सोशल मीडिया

मौत की सजा पाए निर्भया के चार दरिंदों में से एक पवन कुमार गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन (सुधारात्मक याचिका) दायर की है। उसने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की गुहार लगाई है। एकमात्र पवन ही था, जिसने अब तक सुधारात्मक याचिका और दया याचिका दायर नहीं की थी। 

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बाकी तीनों दोषियों अक्षय, मुकेश और विनय के सभी कानूनी विकल्प समाप्त हो चुके हैं। ट्रायल कोर्ट ने दोषियों को तीन मार्च को सुबह 6 बजे फांसी देने का डेथ वारंट जारी किया है।
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शुक्रवार को दायर याचिका में पवन ने तीन मार्च को फांसी टालने की भी गुहार लगाई है। उसने दावा किया है कि घटना के वक्त वह नाबालिग था। वकील एपी सिंह के जरिये दायर याचिका में कहा गया कि पूर्व के आदेशों में उम्र संबंधी गलती को सुधारा जाना चाहिए, नहीं तो न्याय की हत्या होगी। पवन की याचिका से फांसी की तारीख फिर टलने की आशंका हैं। 
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दरअसल, सुधारात्मक याचिका पर फैसला आने के बाद यदि उसने दया याचिका दी, तो उसमें भी वक्त लग सकता है। चारों दोषी एक-एक कर अपने कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया था कि चारों दोषियों को एकसाथ फांसी दी जाएगी। केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जो अभी लंबित है।

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