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Nirbhaya Case: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की पवन की याचिका, फांसी पर रोक लगाने से इनकार
Mon, 02 Mar 2020 03:54 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 02 Mar 2020 03:54 PM IST
सार
उच्चतम न्यायालय ने निर्भया के दोषी पवन कुमार गुप्ता की सुधारात्मक याचिका (क्यूरेटिव पिटीशन) सोमवार को खारिज कर दी। सभी दोषियों को मंगलवार को फांसी दी जानी है। इसी पीठ ने फांसी पर रोक लगाने की पवन की अर्जी भी खारिज कर दी।
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निर्भया कांड: निर्भया का दोषी पवन गुप्ता
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हुआ क्या है?
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दोषी पवन कुमार गुप्ता की सुधारात्मक याचिका (क्यूरेटिव पिटीशन) खारिज।
कहां हुआ है?
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने पवन की याचिका खारिज की। इससे पहले बाकी तीन दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन भी इसी बेंच ने खारिज की थी।
क्यों हुआ है?
पवन के पास सुधारात्मक याचिका (क्यूरेटिव पिटीशन) दाखिल करने का विकल्प बचा हुआ था।
आगे क्या?
पवन के पास अभी राष्ट्रपति के पास दया याचिका दाखिल करने का विकल्प बचा है।
अदालत ने दोषियों की फांसी पर रोक लगाने से भी इनकार किया है। हालांकि पवन के पास अभी राष्ट्रपति को दया याचिका दाखिल करने का विकल्प बचा हुआ है।
मालूम हो कि निर्भया के चारों दोषियों की फांसी के लिए कल यानी तीन मार्च की तारीख निर्धारित है। फांसी की तारीख से ठीक एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने पवन की सुधारात्मक याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे खारिज कर दिया।
जस्टिस एनवी रमण, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरिमा, जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने कहा कि अदालत के पास इस मामले में दखल देने का कोई आधार नहीं है। बता दें कि निर्भया के बाकी तीन दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन भी इसी बेंच ने खारिज की थी।
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इससे पहले पवन गुप्ता ने यह भी दावा किया था कि वह 2012 में घटना के समय वह नाबालिग था। हालांकि पवन की इस दलील को ट्रायल कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट, तीनों ने पहले ही खारिज कर दिया है। निचली अदालत ने 17 फरवरी को चारों दोषियों का डेथ वारंट जारी कर तीन मार्च, सुबह 6 बजे फांसी की तारीख तय की थी।
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पटियाला हाउस कोर्ट ने भी खारिज की याचिका
अक्षय और पवन द्वारा डेथ वारंट पर रोक लगाए जाने की मांग करने वाली याचिका को पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दी। अदालत ने फांसी पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है।