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निर्भया केस: अक्षय ने दायर की क्यूरेटिव पिटीशन
Tue, 28 Jan 2020 10:29 PM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Tue, 28 Jan 2020 10:29 PM IST
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Nirbhaya Case Convicts
- फोटो : अमर उजाला
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राजधानी दिल्ली में दिल दहला देने वाली निर्भया दुष्कर्म कांड के एक दोषी अक्षय ने मंगलवार को क्यूरेटिव पिटीशन दायर की है। इसकी जानकारी तिहाड़ जेल प्रशासन ने दी है।
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Tihar Jail's official: A curative petition has been filed today by Akshay, one of the convicts in 2012 Delhi gang-rape case. pic.twitter.com/JZ4qncR1MM
— ANI (@ANI) January 28, 2020विज्ञापन
इधर, निर्भया मामले में मौत की सजा पाने वाले मुकेश कुमार सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला कल(29 जनवरी) तक के लिए सुरक्षित रख लिया है। इसके साथ ही अदालत ने मुकेश के वकीलों द्वारा की जा रही दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग को भी खारिज कर दिया है। मुकेश ने दया याचिका खारिज होने को चुनौती दी है। जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ के समक्ष मुकेश की वकील अंजना प्रकाश, रिबेका जॉन और वृंदा ग्रोवर ने तिहाड़ प्रशासन पर बड़े आरोप लगाए।
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मुकेश का आरोप है कि तिहाड़ में उसका यौन शोषण हुआ और उसे निर्भया केस के अन्य आरोपी अक्षय के साथ सबके सामने शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहा गया। उसे पहले दिन से ही जेल में मारा गया है और पांच साल से वह डर से सो नहीं पाया है। जब भी वह सोता है तो उसे मौत के और पिटाई के सपने आते हैं।
केस की जिरह शुरू करते ही मुकेश की वकील अंजना प्रकाश ने कहा कि अदालत न्यायिक विवेक का इस्तेमाल करते हुए देखे क्या इस केस में उचित रूप से फैसला लिया गया है। मुकेश की वकील ने अदालत के सामने केहर सिंह बनाम भारत सरकार (1989) 1 एससीसी 204 का उदाहरण देते हुए कहा, यहां तक कि राष्ट्रपति की शक्ति भी मानवीय भूल के लिए खुली है।
मुकेश की वकील ने ये भी कहा कि यहां तक कि सबसे ज्यादा प्रशिक्षित लोग भी गलतियां कर सकते हैं। जब बात मौत और निजी स्वतंत्रता की हो तो इसे और ऊंची सत्ता के हाथ में सौंपना चाहिए। इस दौरान उन्होंने शत्रुघ्न चौहान केस का भी जिक्र किया।